सोनीपत बस अड्डे पर खड़ी बसें। संवाद
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सोनीपत से नरेला रूट पर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज ने पांच साल बाद बस सेवा बहाल की है। जिससे यात्रियों को फायदा होगा। यात्रियों को अब निजी वाहनों के भरोसे नहीं रहना होगा। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि नरेला रूट पर रोडवेज की दो बसों को चलाया गया है। ये दोनों अलग-अलग रूटों से होकर सोनीपत-नरेला के बीच फेरे लगाएंगी।
सोनीपत से नरेला रूट पर करीब पांच साल से बस सेवा बंद है। इस रूट पर आने वाले गांव लंबे समय से रोडवेज बस सेवा बहाल करने की मांग कर रहे थे। यात्रियों की मांग को देखते हुए इस रूट पर अब बस सेवा बहाल की गई है। सोनीपत से नरेला के लिए रोडवेज बस चलने से यात्रियों ने भी राहत की सांस ली है। यात्रियों अनिल, प्रदीप, सुनील जसमेर, बलवान सहित अन्य का कहना है कि इस रूट पर बस नहीं चलने से उन्हें निजी वाहनों के भरोसे रहना पड़ रहा था। ऐसे में वह समय पर अपने काम पर नहीं पहुंच पाते थे। विद्यार्थियों को भी आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही थी। इस रूट पर बस सेवा बहाल होने से अब वह समय पर पहुंच सकेंगे।
दोनों बसें लगाएंगी सात फेरे
रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि सोनीपत से नरेला के लिए दो बसें चलाई गई हैं। इनमें एक बस नाहरा-नाहरी, मंडोरा, कंवाली मोड़ होते हुए नरेला पहुंचेगी। यह बस रात को गांव नाहरी में ठहरेगी। सुबह नाहरी से नरेला जाएगी। वहां से सोनीपत पहुंचेगी। यह बस दिन में सोनीपत-नरेला के बीच में तीन फेरे लगाएगी। वहीं दूसरी बस सोनीपत से बंदेपुर, बारोटा चौकी, सफियाबाद होते हुए नरेला पहुंचेगी। यह बस दिन में चार फेरे लगाएगी। जिससे इस रूट के यात्रियों का बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।
सोनीपत से नरेला रूट पर पांच साल बाद बस सेवा बहाल की गई है। इस रूट पर दो बसें चलाई गई हैं। एक बस नाहरा-नाहरी होते हुए नरेला जाएगी। वहीं दूसरी बस सफियाबाद होते हुए नरेला पहुंचेगी। यह दोनों बसें दिन में सात फेरे लगाएंगी। इन बसों के चलने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। -कर्मबीर गहलावत, डीआई, रोडवेज डिपो, सोनीपत