गन्नौर। प्रदेश सरकार एक तरफ जहां सबका साथ, सबका विकास की बात करती है, वहीं उसी सरकार के अधिकारी मुख्यमंत्री की बात नहीं सुनते। टूटी सड़कें सरकार के विकास कार्यों की पोल खोल रही हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिसंबर 2022 में सोनीपत में जनता दरबार लगाया था। उसमें ग्रामीणों ने सनपेड़ा गांव की टूटी सड़क की शिकायत दी थी। मुख्यमंत्री ने 2 माह में सड़क बनवाने की बात कही थी, लेकिन 8 माह बीत जाने के बाद भी अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है।
गांव सनपेड़ा के ग्रामीण अनिल, सोनू, करतर सिंह, सूरज, सुरेंद्र, सुनील ने बताया कि सड़क का निर्माण साल 2018-19 में किया गया था। एक साल में ही यह सड़क टूटने लगी थी। साल 2019 के बाद सड़क टूटने के बाद कई बार अधिकारियों को शिकायत दी। समाधान न होने पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधायक निर्मल चौधरी से लेकर जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी शिकायत दी, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि सनपेड़ा मार्ग की लंबाई 16.650 किलोमीटर है। यह मार्ग बड़ी, रामनगर, पिपली खेड़ा व सनपेड़ा गांव को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। साथ ही इस मार्ग पर औद्योगिक क्षेत्र भी स्थापित है, जो सरकार को रेवेन्यू देने का काम करते हैं, लेकिन सरकार आंख बंद कर बैठी है। अधिकारियों ने सड़क का पुनर्निर्माण करने की बजाय सड़क पर मिट्टी व रोडे डालकर खानापूर्ति करने का काम किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क टूटी होने से राहगीरों को सफर करना मुश्किल हो गया है। कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। बारिश के समय तो सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। पता ही नहीं चल पाता की सड़क कहां है और गड्ढे कहां है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नुमाइंदे बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गायब हो जाते हैं। सड़क टूटी होने की वजह से ग्रामीणों में सरकार व प्रशासन के प्रति रोष है।
विधानसभा में उठाया है मुद्दा : विधायक
विधायक निर्मल चौधरी ने कहा कि हलके के विकास के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने सनपेड़ा मार्ग का मुद्दा विधानसभा में उठाया है। जल्द ही इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा। सड़क बनने के बाद साथ लगते गांव के लोगों को फायदा होगा।
मुख्यालय में भेजी है फाइल
विभाग के जेई विकास कुमार ने बताया कि सड़क की फाइल बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी हुई है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, टेंडर लगाकर सड़क बनाने काम शुरु किया जाएगा। 16.650 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग के निर्माण में करीब 4 करोड़ रुपये लागत आएगी।
फोटो 43- टूटी हुई सड़क पर रोष प्रदर्शन करते गांव सनपेड़ा के ग्रामीण। संवाद
फोटो 43- टूटी हुई सड़क पर रोष प्रदर्शन करते गांव सनपेड़ा के ग्रामीण। संवाद
फोटो 43- टूटी हुई सड़क पर रोष प्रदर्शन करते गांव सनपेड़ा के ग्रामीण। संवाद