विकास नगर में सांड़ के हमले में घायल महिला। संवाद
- फोटो : Sonipat
सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशु लोगों के लिए मुसीबत बनने लगे हैं। मुरथल रोड स्थित विकास नगर में सांड़ ने दो लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। सांड़ कई दिन से क्षेत्र में घूम रहा है और लोगों पर हमले कर रहा है। मंगलवार को सांड़ ने सेवानिवृत्त शिक्षक चंद्रभान दहिया को टक्कर घायल कर दिया। इससे उनके हाथ-पैर पर चोटें आईं हैं। इसके बाद सांड़ दूसरी गली में पहुंचा, जहां प्लॉट में खड़ी महिला को कई बार पटका। हमले में महिला का पैर टूट गया और उसके हाथ व पेट में चोटें आई हैं। नगर निगम बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए ठेकेदार न होने का बहाना बना रहा है।
विकास नगर गली नंबर-छह में रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक चंद्रभान दहिया अपने घर के बाहर खड़े थे। तभी कॉलोनी में घूमने वाला एक सांड़ वहां पर आया और उनको उठाकर पटक दिया। इसके बाद सांड़ ने उन्हें खुरों से चोटिल कर दिया। लोगों के शोर मचाने पर सांड़ वहां से भाग गया। इसके बाद सांड़ गली नंबर चार में पहुंचा और प्लॉट में खड़ीं गाड़ियों की खरीद-फरोख्त व मरम्मत का गैराज चलाने वाले तिलकराज की पत्नी सुशीला देवी पर हमला कर दिया। सांड़ ने उनके पेट में मारकर उन्हें गिरा लिया और खुरों से बुरी तरह से मारकर चोटिल कर दिया। हमले में महिला बेहोश हो गई। आसपास के लोगों के शोर मचाने पर सांड़ वहां से भाग गया। महिला के परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां एक्सरे के बाद डॉक्टर ने बताया कि उनके पैर में फ्रैक्चर है। हाथ में कंधे के पास मांस फट गया और पेट में चोट आई है।
चंद्रभान दहिया ने बताया कि सांड़ ने जब उन्हें उठाकर पटका तो उनका 26 हजार रुपये का मोबाइल जेब से निकलकर गिर गया। बाद में फोन नहीं मिलने पर उन्होंने घर के बाद लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो एक महिला फोन उठाकर ले जाती दिख रही है।
कॉलोनी वासियों को कई घंटे किया परेशान
सांड़ के हमले के बाद सभी कॉलोनी के लोग एकत्रित हो गए। सांड़ को पकड़ने का प्रयास करने लगे। लेकिन अधिक आक्रामक होने के कारण सांड़ किसी को पास नहीं फटकने दे रहा था। लोगों ने रस्सियां लेकर सांड़ का पीछा करना शुरू किर दिया। पशुओं के एक डॉक्टर से बेहोशी का इंजेक्शन मंगाया गया, लेकिन देर रात तक सांड़ बेकाबू घूमता रहा। देर शाम तक लोग सांड़ का पीछा करते रहे।
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम कार्रवाई करती है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड के पास भी आक्रामक पशुओं को पकड़ने का दस्ता होता है। नगर निगम को निर्देश देकर शहर में घूमने वाले पशुओं को पकड़वाकर गोशाला और नंदीशाला में भिजवाया जाएगा। -ललित सिवाच, उपायुक्त, सोनीपत