सोनीपत। कृषि विभाग को गांव सैया खेड़ा व बली कुतुबपुर में सैटेलाइट के माध्यम से फसल अवशेषों में आगजनी की लोकेशन प्राप्त हुई।
इस पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या गुप्ता ने विभाग के अधिकारियों के साथ रविवार को गांव सैया खेड़ा का निरीक्षण किया।
आगजनी की लोकेशन मिलने पर अधिकारियों ने यहां भौतिक निरीक्षण किया तो आगजनी के अवशेष पाए गए। ऐसे में दोनों गांवों के किसानों पर फसल अवशेषों में आगजनी करने पर गन्नौर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जिला में किसानाें की ओर से करीब 1 लाख हेक्टेयर भूमि में धान की फसल उगाई गई है। अधिकतर क्षेत्रों में धान की कटाई की जा रही है। विभाग फसल अवशेषों में आगजनी की घटना को रोकने के लिए सैटेलाइट के माध्यम से खेतों पर नजरें जमाए हुए हैं। खासकर टीमों का गठन भी किया गया है, जो लोकेशन मिलते ही भौतिक सत्यापन करने के लिए मौके पर पहुंच रही हैं। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि विभाग को पिछले 24 घंटे में सैटेलाइट से आगजनी की 9 लोकेशन मिली।
इनमें सैया खेड़ा व बली कुतुबपुर में फसल अवशेष जलते हुए पाए गए। इनके अलावा 7 जगहों पर फर्जी लोकेशन पाई गई। वहीं जिला में अब तक 28 लोकेशन मिल चुकी हैं। इनमें से 6 जगह आगजनी की पुष्टि होने पर जुर्माना लगाया गया है।
गांव बली कुतुबपुर में कृषि विभाग ने संबंधित किसान पर कार्रवाई कर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया। नायब तहसीलदार की शिकायत पर गन्नौर थाना पुलिस ने किसान कृष्ण के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
वहीं, गांव सैया खेड़ा मामले में भी ग्राम सचिव कुलदीप की शिकायत पर गन्नौर थाना पुलिस ने किसान महाबीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।