सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर बाधा हटने के बाद पानीपत-दिल्ली फ्लाईओवर पर सरपट दौड़ते वाहन। संवाद
सोनीपत। कुंडली-सिंघु बॉर्डर से करीब सवा दो माह बाद अवरोधक हटा लिए गए हैं। इससे दिल्ली का आवागमन सुगम हो गया है। सड़क मार्ग से दिल्ली आवागमन करने वाले वाहन चालकों के साथ ही उद्योगपतियों ने राहत की सांस ली है। कुंडली-सिंघु बार्डर के फ्लाईओवर से अवरोधक हटाने के बाद वाहन सरपट दौड़ने लगे हैं। अभी दिल्ली-पानीपत की दो तो पानीपत-दिल्ली फ्लाईओवर की एक लेन खोली गई है। इससे दोनों और से यातायात शुरू हो गया है।
दिल्ली पुलिस ने करीब सवा दो माह से बंद कुंडली बॉर्डर के फ्लाईओवर को खोलने की प्रक्रिया वीरवार से शुरू कर दी थी। बुलडोजरों की सहायता से करीब एक किलोमीटर तक फ्लाईओवर पर बनाए गए पक्के अवरोधकों को हटाया गया। सीमेंट से बनाई दीवारों को तोड़ा और सड़क में गाड़े सरियों को काटकर एक तरफ किया गया। शनिवार रात को दिल्ली-पानीपत के फ्लाईओवर पर दो लेन और पानीपत-दिल्ली फ्लाईओवर की भी एक लेन को खाली कर यातायात के लिए खोल दी थी। इससे वाहन चालकों ने राहत महसूस की है। दिल्ली पुलिस की तरफ से फ्लाईओवरों की अन्य लेन को खोलने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। बताया जा रहा है कि फ्लाईओवरों की कुछ लेन पर अभी अवरोधक व मलबा रखा है। जिसे अभी हटाया नहीं जा रहा है।
26 फरवरी को खोले गए थे दोनों तरफ के सर्विस रोड
किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान करने के बाद दिल्ली पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की थी। इसके तहत 16 फरवरी को कुंडली-सिंघु बार्डर पर बने दोनों फ्लाईओवरों पर लोहे व पत्थर के अवरोधक, मिट्टी से भरे कंटेनर रखने के बाद सीमेंट की मोटी दीवारें बना दी थी। सरकार व किसानों के बीच सहमति बनती देख गत 26 फरवरी को बॉर्डर पर दोनों ओर के सर्विस रोड खोल दिए थे। हालांकि फ्लाईओवर बंद रखा गया था। इस कारण यहां हर समय जाम की स्थिति बनने लगी थी। वाहन चालकों को जाम से राहत देते हुए अब फ्लाईओवर से भी आवागमन शुरू किया गया है।
उद्योगपतियों के संघर्ष की जीत : सुभाष गुप्ता
कुंडली-सिंघु बाॅर्डर के फ्लाईओवर खोले जाने से बड़ी राहत मिली है। उद्योगपति सवा दो महीने से सरकार व पुलिस के संपर्क में थे और लगातार बॉर्डर को पूरी तरह खोलने की मांग कर रहे थे। यह उद्योगपतियों की एकता व संघर्ष की जीत है। बॉर्डर बंद होने से उद्योगपतियों व ट्रांसपोर्टरों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। बॉर्डर खुलने से वाहन चालकों में तो खुशी है ही, उद्योगपतियों व व्यापारियों ने भी राहत महसूस की है। अब मालवाहक वाहन भी सुगमता से आवागमन कर सकेंगे।
सुभाष गुप्ता पदाधिकारी, कुंडली औद्योगिक एसाेसिएशन