सोनीपत। बारिश के बाद जिले में लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदूषण से परेशान लोग अब खुलकर सांस ले पा रहे हैं। करीब ढाई माह बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 से नीचे आया है। हालांकि बारिश के बाद रात को मौसम खुलने का असर सुबह कोहरे के रूप में दिखाई दिया। वातावरण में छाया घना कोहरा लोगों के लिए मुसीबत बन गया। सुबह दृश्यता 20 मीटर तक सिमट गई थी। दिन चढऩे के साथ दस बजे जाकर कोहरे से राहत मिल सकी। उसके बाद दोपहर तक सूर्य व बादलों के बीच आंख मिचौली चलती रही। दोपहर के बाद खिली धूप से मौसम खुशनुमा बन गया। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है।
दो दिन हुई बारिश बाद शुक्रवार को एक्यूआई में काफी सुधार आया। नवंबर के मध्य के बाद अब एक्यूआई 86 पर पहुंच गया। बुधवार और वीरवार की बारिश के साथ ही शुक्रवार को सात किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली हवा से वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। एक्यूआई नवंबर में हुई बारिश के बाद पहली बार हरे रंग में दिखाई दिया। एक दिन पहले यह 186 था।
एक सप्ताह में एक्यूआई में आया उतार चढ़ाव
तिथि एक्यूआई
01 फरवरी 186
31 जनवरी 190
30 जनवरी 211
29 जनवरी 313
28 जनवरी 197
27 जनवरी 187
26 जनवरी 164
25 जनवरी 338
सुबह आठ बजे तक दृश्यता 20 मीटर तक रही :
हालांकि सुबह लोगों को कोहरे ने परेशान किया। सुबह के समय जिला वासियों को घने कोहरे का सामना करना पड़ा। नेशनल हाईवे-44, केएमपी और केजीपी के साथ ही अन्य संपर्क मार्गों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। सुबह आठ बजे तक दृश्यता 20 मीटर तक रही। उसके बाद राहत मिली और दस बजे कोहरा छट गया। उसके बाद वाहनों ने रफ्तार पकड़ी। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अभी तीन दिन तक बारिश के आसार बने रहेंगे। लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिली। न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री व अधिकतम 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वीरवार को न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री व अधिकतम 17.9 डिग्री सेल्सियस था।
गेहूं उत्पादक किसानों को राहत :
मौसम के मिजाज से गेहूं उत्पादक किसानों को राहत मिली है। बारिश होने के बाद किसानों को गेहूं की सिंचाई करने से छुटकारा मिल गया है। वहीं सूखी ठंड समाप्त होने के कारण सरसों की फसल को फायदा पहुंचा है। इसके अतिरिक्त रबी सीजन की हरे चारे की फसलों को भी फायदा हुआ है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस बार उत्पादन बेहतर होने का अनुमान है।
वर्जन
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश हुई है। इसका असर 3 फरवरी तक रह सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर का दौर फिर से शुरू होने का अनुमान है। जिसके चलते तीन से चार दिनों तक तापमान में कमी बनी रहेगी।
डॉ.प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत