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Sonipat News: लक्ष्मण रेखा लांघने पर रावण ने सीता का किया हरण

Sun, 22 Oct 2023 01:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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गोहाना की टीटू धर्मशाला में आयोजित रामलीला में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
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सोनीपत। कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में चल रही रामलीला के सातवें दिन शनिवार को मारीच और सीता हरण के प्रसंग का मंचन किया गया। अयोध्या से निकलकर भगवान राम वन में रह रहे हैँ। सीता, राम और लक्ष्मण के साथ रहती हैं। एक दिन सीता मायावी हिरण मारीच को विचरण करते हुए देखती हैं। सीता श्रीराम से स्वर्ण हिरण मारीच को लेने की जिद करती हैं।
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राम मृग को पकडऩे के लिए उसके पीछे-पीछे भागते हैं। राम के बाणों के प्रहार से मृग घायल हो जाता है और राम की आवाज परिवर्तित करके लक्ष्मण को पुकारता है। माता सीता जब श्रीराम की ऐसी आवाज सुनती हैं तो वह चिंतित हो जाती हैं। वह लक्ष्मण को भेज देती है। इससे पहले वह अनिष्ट की आशंका के चलते एक सीमा रेखा बनाते हैं और सीता से कहते हैं कि वह इस रेखा को भूलकर भी पार न करें। कुछ समय बाद रावण साधु के भेष में आता है और सीता को भिक्षा देने के बहाने रेखा से बाहर बुलाते हैं। वह उनका हरण करके ले जाता है। उसके बाद शबरी प्रसंग का मंचन किया गया। जटायु के रावण संग युद्ध का मंचन होता है। बाद में सीता की के हरण के बाद भगवान राम वन में उनकी तलाश करते हैं तो उन्हें हनुमान मिलते हैं। वह उन्हें सुग्रीव के पास ले जाते हैं। मंचन आचार्य सौरभ द्विवेदी के निर्देशन में वृंदावन से आए हुए कलाकारों ने किया। इससे पहले श्रीदेवी चिटाने वाली समिति, सोनीपत के प्रधान एवं पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन के साथ आज का मंचन प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता निगम पार्षद हरिप्रकाश सैनी ने की। इस दौरान अमित गुप्ता (बब्लू), श्री बालाजी मंदिर के प्रधान सुरेश भारद्वाज, देवेंद्र कुच्छल, स्वामी दयानंद सरस्वती मौजूद रहे।

सेक्टर-12 में सीता हरण व जटायु प्रसंग का मंचन

सेक्टर-12 स्थित श्याम पार्क में वीरवार को शिव ड्रामेटिक क्लब, राई की तरफ से आयोजित हो रही रामलीला में सीता हरण व जटायु प्रसंग का मंचन किया गया। कथा वाचक कहते है कि रावण मारीच को भेजकर छल से सीता माता का अपहरण कर लेता है। उसके बाद जटायु प्रसंग का मंचन होता है। वहीं सीता की करुण पुकार सुनकर जटायु सीता माता को बचाने आते हैं मगर रावण उन्हें घायल कर देता है। उसके बाद राम जब सीता की तलाश में आते है तो उन्हें सीता के अपहरण का पता लगता है। इस मौके पर विक्की कौशिक, सामाजिक कार्यकर्ता मनीष राई, अधिवक्ता मोहन कौशिक, लीलू कौशिक, रामलाल, अधिवक्ता अमित कौशिक, मनीष त्यागी, राजू कौशिक, मंजीत तिहाड़, भूषण, रमेश जांगड़ा, प्रमोद कौशिक आदि मौजूद रहे।
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सीता माता की तलाश में निकले राम

गोहाना में श्री रामलीला कमेटी की तरफ से मुगलपुरा रोड पर स्थित टीटू धर्मशाला में आयोजित रामलीला में 8वें दिन सीता की तलाश, शबरी मिलन, सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का मंचन किया गया। मंचन के शुरू में प्रभु राम और लक्ष्मण माता सीता की खोज में वन में भटकते हुए शबरी के आश्रम में पहुंच जाते हैं। यहां शबरी श्रीराम को अपने झूठे बेर खिलाकर निस्वार्थ प्रेम को दर्शाती है। शबरी सीता माता की खोज के लिए किष्किंधा पर्वत पर सुग्रीव से मिलने को कहती हैं। किष्किंधा पर्वत पर राम को हनुमान मिलते हैं जो उनकी मुलाकात सुग्रीव से करवाते हैं। हनुमान सुग्रीव के बारे में बताते हुए कहा कि सुग्रीव अपने भाई बाली से बहुत परेशान हैं। फिर राम बाली का एक ही बाण में वध कर देते हैं।
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