सोनीपत। शहर के कई सरकारी कार्यालयों में जन सुरक्षा रामभरोसे हैं। नगर निगम व लोक निर्माण विभाग कार्यालय में अग्निशमन यंत्र नहीं है जबकि सिविल सर्जन कार्यालय में जो अग्निशमन यंत्र लगा है उसकी वैधता तिथि समाप्त हो चुकी है। ऐसे में अगर आग की घटना हुई तो बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को कई सरकारी कार्यालयों की पड़ताल की तो अग्निशमन यंत्रों की हकीकत सामने आई। जिले में अब तक हाइड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं है। ऐसे में गगनचुंबी इमारतों में आग लगने पर दिल्ली प्रशासन पर निर्भर रहना पड़ा रहा है। सुबह 11 बजे अमर उजाला टीम सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में पहुंची। जहां पर चार अग्निशमन यंत्र लगे हैं जिनकी वैधता तिथि 14 नवंबर, 2023 को समाप्त हो चुकी है। कार्यालय में एक्सपायरी डेट लगे अग्निशमन यंत्रों को बदलने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में चिकित्सा जांच प्रमाण पत्र बनवाने व अन्य जरूरी कार्यों के लिए लोगों का आना जाना लगा रहता है। अगर किसी कारणवश आग लग जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
सुबह 11.30 बजे टीम रेलवे रोड पर स्थित लोक निर्माण विभाग कार्यालय में पहुंची। विभाग के विश्राम गृह में अधिकारियों व नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। विश्राम गृह में पहली मंजिल पर मुख्यमंत्री के रात्रि ठहराव के लिए कक्ष भी निर्धारित है। विश्राम गृह में किसी भी स्थान पर अधिकारियों ने अग्निशमन यंत्र नहीं लगवा रखे हैं। इसके साथ टीम ने कार्यालय में पहुंची। वहां पर अधीक्षण अभियंता, दो कार्यकारी अभियंता, उपमंडल अभियंता व एचएसआरडीसी कार्यालय खुले हुए हैं। किसी भी कार्यालय में आग से सुरक्षा के चलते अग्निशमन यंत्र नहीं रखे हुए।
दोपहर 11.45 बजे: टीम रेलवे रोड पर स्थित नगर निगम कार्यालय में पहुंची। यहां पर रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। कार्यालय में किसी भी स्थान पर अग्निशमन यंत्र नहीं लगा रखा है। निगम कार्यालय में आयुक्त, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर, डीएमसी व अन्य अधिकारियों के कक्ष हैं। साथ ही इसी कार्यालय में सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी का भी कक्ष है। किसी भी कक्ष के बाहर अग्निशमन यंत्र न होने से अधिकारियों की लापरवाही दिख रही है।
विभाग को है हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की दरकार
अग्निशन विभाग में 106 कर्मचारी है। विभाग को अभी भी हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की दरकार है। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं होने के कारण ऊंची इमारतों में आग लगने पर उस पर काबू पाने में दिक्कत आती है। जिले में बढ़ रही आग की घटनाओं को लेकर व्यापारी कई बार रोष जता चुके हैं। कुंडली, राई, बड़ी क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। गाड़ियों की कमी के कारण अधिकारियों को दिल्ली के अलावा, झज्जर, पानीपत से भी गाड़ियां मंगानी पड़ती हैं। छोटी दीपावली की रात को ग्रीन एपेक्स सोसाइटी में नौवीं मंजिल पर आग लगने से 13 मंजिल तक रेजिडेंस फंस गए थे। बाद में दिल्ली से हाइड्रोलिक प्लेटफार्म बुलाकर आग पर काबू पाने की पहल की जा सकी थी। ऐसे में सोनीपत में लगाकर बन रही गगनचुंबी इमारतों को देखते हुए हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की अति आवश्यकता है।
यह है स्थिति
जिले का क्षेत्र- 2260 वर्ग किलोमीटर
जिले की जनसंख्या - करीब साढ़े 15 लाख
औद्योगिक क्षेत्र- आईएमटी खरखौदा के अलावा सोनीपत, राई, मुरथल, कुंडली व बड़ी
शहर- सोनीपत, गन्नौर, गोहाना व खरखौदा
गाड़ियों की स्थिति
सोनीपत सेक्टर 3 - 4 गाड़ी
सेक्टर 23 - 2 गाड़ी
गोहाना - 2 गाड़ी
गन्नौर -2 गाड़ी
कुंडली - 2 गाड़ी
राई - 2 गाड़ी
बड़ी -2 गाड़ी
राई एजुकेशन सिटी- 1 गाड़ी
नगर निगम-1 गाड़ी
खरखौदा-1 गाड़ी
वर्जन
कार्यालय में अग्निशमन यंत्र न होने का मामला संज्ञान में आया है। अगले सप्ताह इस मामले पर कार्रवाई करते हुए जनसुरक्षा के चलते कार्यालय में अग्निशमन यंत्र लगवा दिए जाएंगे। -विश्राम मीणा, आयुक्त, नगर निगम।
वर्जन
कार्यालय में एक्सपायरी डेट के लगे हुए अग्निशमन यंत्रों की जानकारी नहीं है। अगर अग्निशमन यंत्र की वैधता तिथि समाप्त हो चुकी है तो उनको जल्द बदलवा दिया जाएगा। -डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन
वर्जन
भूतल पर बने कार्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगाने की आवश्यकता नहीं होती। विश्राम गृह में अग्निशमन यंत्र न होने के बारे में जानकारी नहीं है।-
पंकज गौड़, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
वर्जन
सभी कार्यालयों में अग्निशमन यंत्र होने जरूरी हैं। अगर किसी कार्यालय में अग्निशमन यंत्र नहीं है तो संबंधित अधिकारी को पत्र लिखकर अग्निशमन यंत्र लगवाने के लिए कहा जाएगा। इसके लिए समय भी निर्धारित किया जाएगा। अगर फिर भी अग्निशमन यंत्र नहीं लगवाए तो मुख्यालय के आदेश के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। -राजेंद्र दहिया, सहायक मंडल अग्निशमन अधिकारी, अग्निशमन विभाग