सोनीपत। रेलवे ने एडवांस टिकट आरक्षण के नियमों में बदलाव किया है। जहां लंबी दूरी के यात्री चार माह पहले ही टिकट आरक्षित करवा सकते थे, अब उन्हें दो माह पहले अपनी टिकट आरक्षित करवानी होगी। हालांकि रेलवे ने नए नियम को 1 नवंबर 2024 से लागू करने का निर्णय लिया है। अब तक आरक्षित की गई यात्रियों की टिकटों पर नए नियमों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नई गाइड लाइन के लिए रेल मंत्रालय की ओर से वीरवार को पत्र जारी किया गया है।
रेलवे की ओर से समय-समय पर टिकट आरक्षण अवधि में बदलाव किए जाते रहे हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब तक टिकट आरक्षण की समय अवधि 30 से 120 दिन तक है, लेकिन 1 नवंबर के बाद नए नियमों के आधार पर यात्री दो माह पहले ही अपनी टिकट आरक्षित करवा सकेंगे। फिलहाल रेलवे स्टेशनों पर बुकिंग काउंटर के अलावा आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर भी यात्री अपनी टिकट बुक करवा रहे हैं।
रेलवे ने समय सीमा में कब-कब किया बदलाव
अवधि टिकट आरक्षण समय सीमा
अप्रैल 1981 से जनवरी 1985 -90 दिन
1 सितंबर 1988 से 30 सितंबर 1993 -45 दिन
1 सितंबर 1995 से 31 जनवरी 1998 -60 दिन
1 मार्च 2007 से 14 जुलाई 2007 -60 दिन
1 फरवरी 2008 से 9 मार्च 2012 -120 दिन
1 मई 2013 से 31 मार्च 2015 -120 दिन
60 दिन तक टिकट आरक्षण अवधि के क्या होंगे लाभ
टिकट आरक्षण के तहत योजना तैयार करने के लिए 120 दिन का समय ज्यादा था। ऐसे में टिकट का रद्दीकरण बढ़ने से रेलवे को नुकसान हो रहा है। कई तो टिकटों को रद्द नहीं करवाते और न ही यात्रा करते हैं। ऐसे में धांधली भी बढ़ती है। कम अवधि में यात्री टिकट आरक्षित करवाकर सुगम यात्रा कर सकेंगे। सामान्य श्रेणी के टिकटों पर नियम का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर विशेष ट्रेनों के संचालन की योजना बन सकेगी।
रेलवे ने एडवांस टिकट आरक्षण के नियमों में बदलाव कर समय अवधि को 60 दिन किया है। नया नियम 1 नवंबर 2024 से लागू होगा। पहले आरक्षित टिकटों पर नए नियम का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। विभिन्न अवधियों के अनुभव के आधार पर ही 60 दिन के टिकट आरक्षण की अवधि को यात्रियों के दृष्टिकोण से सर्वोत्तम अवधि के रूप में देखा है।
- हिमांशु शेखर उपाध्याय, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे