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निगम आयुक्त कार्यालय में महिला पार्षदों के पति का प्रवेश किया निषेध

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नगर निगम कार्यालय परिसर में बाइक पर बैठे पार्षद। संवाद - फोटो : Sonipat
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निगम आयुक्त ने पदभार संभालते ही व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ठोस निर्णय लेने शुरू कर दिए हैं। इस कड़ी में सर्वप्रथम पार्षद पत्नी के स्थान पर खुद को पार्षद बताने वालों के कार्यालय में सीधे प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है।
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निगम आयुक्त मोनिका गुप्ता ने कहा कि यदि मिलना है तो आम व्यक्ति की तरह कार्यालय में आकर पहले पर्ची दें, उसके बाद मिले। पत्नी के स्थान पर खुद को पार्षद बताकर अधिकारियों से मिलने की परंपरा ठीक नहीं है। दो दिन पहले हुए इस घटनाक्रम के बाद अब निगम कार्यालय में राजनीति गरमा गई है। इस आदेश का पता लगने पर पार्षद बुधवार को निगम आयुक्त से मिलने पहुंचे। उस वक्त आयुक्त जनसमस्याएं सुन रही थीं। इस दौरान उप निगम आयुक्त अपूर्व चौधरी ने आयुक्त को बताया कि पार्षद मिलने के लिए आए हैं। इस पर आयुक्त ने जनसमस्याएं सुनने के बाद मिलने की बात कही। जिस पर पार्षद नाराज होकर वापस चले गए। पार्षदों का आरोप है कि आयुक्त ने पार्षदों से मिलने से मना किया है। यही नहीं पार्षदों के लिए बने हाल में निर्माण कार्य चल रहा है। जिस कारण पार्षदों को बैठने तक की जगह नहीं मिली, वह पेड़ की छांव तलाश करते नजर आए।
पर्ची देने की बात पर भड़के पार्षद
नगर निगम कार्यालय में आयुक्त मोनिका गुप्ता ने सोमवार को ही पदभार संभाला है। आयुक्त ने आते ही आमजन को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने पहले से लागू पर्ची सिस्टम का मजबूती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को निगम पार्षद आयुक्त से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। जहां दरवाजे पर तैनात कर्मचारी ने उन्हें रोक दिया और पार्षदों से पर्ची देने की बात कही। जिस पर पार्षद भड़क गए। पार्षदों ने निगम आयुक्त कार्यालय के सामने पेड़ के नीचे सोफे रखे और उन पर बैठकर इंतजार करने लगे। जगह न मिलने पर कुछ कुछ पार्षद बाइकों पर जाकर बैठ गए। इसका पता लगने पर उप निगम आयुक्त अपूर्व चौधरी ने पार्षदों से बातचीत की और आयुक्त को अवगत कराया कि पार्षद मिलना चाहते है। आयुक्त ने जनसमस्याएं सुनने के बाद मिलने की बात कही। जिसके बाद पार्षद वापस चले गए। पार्षदों का आरोप है कि निगम आयुक्त जानबूझ कर पार्षदों से नहीं मिलना चाहती।
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पार्षद पति को आमजन की तरह मिलने की नसीहत
पार्षदों को कहना है कि वह दो दिन पहले पूर्व आयुक्त धर्मेंद्र सिंह को विदाई देने आए थे। नवनियुक्त आयुक्त मोनिका गुप्ता भी वहां मौजूद थी। पूर्व आयुक्त ने परिचय कराया तो नवनियुक्त आयुक्त ने पार्षद पति को आमजन की तरह मिलने आने की बात कही। आरोप है कि उसके बाद कई महिला पार्षद आई तो वह भी घंटे भर इंतजार कर वापस चली गई, लेकिन आयुक्त ने मिलने का समय नहीं दिया। अब बुधवार को भी आयुक्त पार्षदों से नहीं मिली।
पार्षद जिस समय कार्यालय में मुझसे मिलने आए थे, उस समय मैं जनसमस्याएं सुन रही थी। किसी से मिलने को मना नहीं किया है। बेवजह बात को तूल दिया गया है। कार्यालय छोटा होने के कारण लोगों को मिलने में दिक्कत होती है, जिससे पार्षदों के कमरे में निर्माण करवाया जा रहा है। पार्षदों के आने की सूचना मिली थी। अधिकारी के माध्यम से संदेश भी उन तक पहुंचाया गया था कि कुछ समय इंतजार करें, वो चाहे तो मेरा कार्यालय इस्तेमाल कर सकते है।
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मोनिका गुप्ता, आयुक्त, नगर निगम, सोनीपत
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