सोनीपत। विश्वविद्यालय के मूल्याकंन के लिए टीम के दौरे व परीक्षाओं को देखते हुए दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल के प्राध्यापकों ने धरना स्थगित कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से वीरवार को पदोन्नत हुए प्राध्यापकों का वेतन फिक्स कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्राध्यापकों की अन्य मांगों को भी निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने का आश्वासन दिया है। जिस पर प्राध्यापकों ने धरने को 10 मार्च तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। मांगों को लेकर सहमति बनने पर प्राध्यापकों ने नैक को लेकर दमदार तैयारी करने का निर्णय लिया है।
नैक की टीम 27 फरवरी को विश्वविद्यालय के मूल्याकंन के लिए दौरा करेगी। इससे विश्वविद्यालय को ग्रेडिंग मिलेगी। नैक की टीम के दौरे व विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्राध्यापकों ने 10 मार्च तक धरना स्थगित करने का निर्णय लिया है। धरना स्थगित करने के साथ ही प्राध्यापकों ने सभी प्रकार के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्य करने प्रारंभ कर दिए हैं। डीसीआरयूएसटी के प्राध्यापकों की एक वर्ष से अधिक समय से पदोन्नति होने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से वेतन फिक्स नहीं किया जा रहा था। बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान न होने पर प्राध्यापकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रशासनिक भवन में अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया था। साथ ही विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। प्रदेश सरकार की तरफ से आए पत्र में स्पष्ट कर दिया था कि नियमानुसार पदोन्नति प्राप्त करने वाले प्राध्यापकों का वेतन फिक्स कर दिया जाए। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने वेतन फिक्स कर दिया।
धरना देने वालो में प्रो.सुरेंद्र दहिया, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. गीताजंलि, डॉ. जितेंद्र बत्रा, डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. ममता भगत सहित अन्य मौजूद रहे।