सोनीपत। शिक्षा विभाग ने प्रदेश में ड्रापआउट खत्म करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत सभी राजकीय व निजी विद्यालयों को विद्यार्थी से संबंधित पूर्ण जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। जो विद्यार्थी स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र (एसएलसी) लेकर गए हैं, उन्होंने दूसरे स्कूल में दाखिला लिया या नहीं, इस पर भी स्कूलों को नजर रखनी होगी और पोर्टल पर अपडेट करना होगा। साथ ही नई कक्षाओं में आए पुराने व नए विद्यार्थियों का डाटा भी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों को यह कार्य पूर्ण करने के लिए 14 अगस्त तक का समय दिया गया है।
प्रदेश में पिछले साल विद्यार्थी संख्या 56 लाख 81 हजार 984 थी। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में इनमें से 04 लाख 64 हजार 376 विद्यार्थी ड्राॅप बॉक्स में थे। सोनीपत की बात करें तो यहां 29 हजार 369 विद्यार्थी ड्रॉप बॉक्स में थे। इनकी तलाश करने के लिए शिक्षा विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने इस बार यू-डाइस पर स्टूडेंट डाटाबेस मेनेजमेंट सिस्टम (एसडीएमएस) पर नया विकल्प दिया है। इसमें राजकीय व निजी विद्यालयों को स्कूल छोड़कर जाने वाले विद्यार्थी का पूर्ण विवरण दर्ज करना होगा। विद्यार्थी स्कूल छोड़कर कहां गया, किसी स्कूल में दाखिला लिया या नहीं लिया, इसकी पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इससे स्कूल छोड़कर जाने वाले विद्यार्थियों का पता लगाकर उन्हें शिक्षा की डगर पर लाया जा सकेगा।
एक देश एक एसआरएन नंबर पर काम कर रहा शिक्षा मंत्रालय
शिक्षा अधिकारियों की मानें तो शिक्षा मंत्रालय एक देश एक एसआरएन पर गंभीरता से काम कर रहा है। इस योजना के तहत बच्चा देश में किसी भी स्कूल में पढ़ें, उससे संबंधित पूर्ण जानकारी एसआरएन नंबर के माध्यम से पोर्टल पर दिख जाएगी। इसके लिए ही शिक्षा विभाग ने यू-डाइस के एसडीएमएस पर सभी स्कूलों को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत व शैक्षणिक जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, केवल 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को ही दाखिला लेने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है।
स्कूलों को यह हैं निर्देश
- जो विद्यार्थी पास होकर अगली कक्षा में पहुंचे हैं, उनके अंक और मौजूदा स्थिति पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
- कोई विद्यार्थी स्कूल छोड़ गया है, उसका कारण बताते हुए वह कहां गया है, इसकी जानकारी अपलोड करनी होगी।
- सभी राजकीय व निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों का सौ फीसदी डाटा पोर्टल पर अपलोड करने की जिम्मेदारी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी व एबीआरसी की रहेगी।
- सभी स्कूलों के विद्यार्थियों का डाटा निर्धारित तिथि से पहले यू-डाइस पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
नई व्यवस्था से खत्म होगी ड्राॅप आउट की संभावना
शिक्षा विभाग का उद्देश्य सभी जिलों से ड्रॉप आउट शून्य करना है। हर साल शैक्षणिक सत्र खत्म होते ही काफी विद्यार्थी स्कूल छोड़ जाते हैं, इनमें से कुछ दूसरे स्कूल में दाखिला भी नहीं लेते। ऐसे विद्यार्थियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं होने से उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता है। इससे ड्राॅप आउट की संख्या बढ़ती है। नई व्यवस्था से बच्चों को आसानी से तलाश कर उसे शिक्षा की डगर पर लाया जा सकेगा।
- अनिल कुमार, जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा, सोनीपत
सभी राजकीय व निजी विद्यालयों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का डाटा पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को विद्यार्थियों की पिछली कक्षा का परिणाम और नए दाखिल हुए विद्यार्थियों की पूर्ण जानकारी अपलोड करनी होगी। इसके लिए 14 अगस्त तक का समय दिया गया है।
नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत