सोनीपत। शराब ठेकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू होने के बाद एसटीएफ ने भी गैंगस्टर पर नजर रखने शुरू कर दी है। गैंगस्टर नीलामी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम बनाने के साथ ही चार टीमों का गठन किया गया है। इसमें राई, मुरथल, कुंडली व गोहाना क्षेत्र के ठेकों को प्रभावित किए जाने का शक है। जिसके चलते एसटीएफ ने नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए पहल शुरू कर दी है।
शराब का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में गैंगस्टर भी शराब के धंधे में अप्रत्यक्ष रूप से ही सही जुड़ने का प्रयास करते हैं। यहां तक की गैंगस्टर और उनके गुर्गे शराब ठेकों के आवंटन की ऑनलाइन नीलामी को भी प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए शराब ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी रखना चुनौतीपूर्ण बन जाता है। कुछ दिन पहले सोनू महाल ने मोहाना व गोहाना क्षेत्र के दो ठेकों पर ताले लगा दिए थे। पुलिस का मानना है कि गैंगस्टर शराब ठेकों की प्रक्रिया को अलग-अलग तरह से प्रभावित करते हैं। गैंगस्टर धमकी दिलवा देते हैं, जिससे कई ठेकेदार नीलामी से पीछे हट जाते हैं। इसके साथ ही ठेकेदारों से उगाही भी की जाती है। इतना ही नहीं वह ठेकों में साझेदार भी बन जाते हैं। इतना ही नहीं कई अपने रिश्तेदारों व परिचितों के नाम पर ठेके लेते हैं। इस पर नकेल कसने के लिए एसटीएफ की टीम लगाई गई है। चयन प्रक्रिया की नीलामी ऑनलाइन होने के चलते एसटीएफ के आईटी एक्सपर्ट की मदद से निगरानी की जा रही है।
शराब ठेकों की चयन प्रक्रिया को गैंगस्टर प्रभावित न कर सके और इसे पारदर्शी रखने को निगरानी बढ़ा दी गई है। एसटीएफ की चार टीमें पूरी नीलामी प्रक्रिया पर निगाह रख रही हैं। इसके लिए आईटी एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। -इंदीवर, डीएसपी, एसटीएफ