सोनीपत। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण मरीजों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। अस्पतालों में सांस और नेत्र रोगियों की संख्या में इजाफा होने की वजह से नागरिक अस्पताल में रोजाना होने वाली ओपीडी 1500 से बढ़कर 1700 के पार जा चुकी है। जिले में शुक्रवार को एक्यूआई 455 तक पहुंच गया। वातावरण में स्मॉग छाने से प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इससे सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन की समस्या भी गहराने लगी है। जिससे अस्पताल में सांस, गले में खराश व आंखों में जलन के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं।
प्रदूषण से बचने के लिए एहतियात बरतें
आरएमओ एवं फिजिशियन डॉ. राकेश फोगाट ने मरीजों को प्रदूषण से बचाव के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी। उन्होंने कह कि लोगों को इस मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर बिना किसी कारण के नहीं निकलें। अगर निकलते हैं तो मास्क व चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए। इससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।
20 फीसदी बढ़े आंखों के मरीज
नेत्र चिकित्सक डॉ. श्रेय ने बताया कि अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या 20 फीसदी बढ़ी है। इन दिनों लोगों को आंखों में जलन, खुजली, सूजन आदि की दिक्कत आ रही है। साथ ही आंखें लाल हो रही हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए चिकित्सकों के सुझाव
घर में रहें, बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।
संभव हो तो घर में एयर प्यूरिफायर लगाएं।
पानी खूब पीएं, इससे शरीर से विषाक्त तत्व निकल जाते हैं।
एन-95 मास्क पहनकर ही बाहर निकलें।
प्रदूषण से बचने के लिए चश्मे का इस्तेमाल करें।
फोटो 21. सोनीपत में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से जिला नागरिक अस्पताल में काफी संख्या में पहुंचे मरी
फोटो 21. सोनीपत में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से जिला नागरिक अस्पताल में काफी संख्या में पहुंचे मरी