सोनीपत। वेतन काटे जाने के विरोध में शहरी ठेका कर्मचारी तीन दिन से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की समस्या का समाधान न निगम अधिकारी करा रहे हैं और न ही खुद ठेकेदार। ठेकेदार की लापरवाही के कारण ही शहरी ठेका सफाई कर्मियों को हड़ताल करनी पड़ी। जिसका असर नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर पड़ा। नगर निगम के 15 वार्डों में तीसरे दिन भी सफाई नहीं हुई और न ही कूड़े का उठान हो सका। जिससे सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं वेतन काटे जाने के विरोध में ठेका कर्मियों का धरना निगम कार्यालय के गेट पर जारी रहा
सीआईटीयू के जिला कोषाध्यक्ष आनंद शर्मा ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण ठेका सफाई कर्मियों का वेतन कट रहा है। ठेकेदार टेंडर की शर्तों का पालन नहीं कर रहे। वेतन काटे जाने से सफाई कर्मचारियों को हड़ताल करनी पड़ी। ठेकेदारों की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीआईटीयू के जिला कमेटी की सभी ट्रेड यूनियन ठेका सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के सहयोग में उतरेगी। इस दौरान शहरी ठेका सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान अजय टांक,सचिव मुकेश, नवीन, अमित, मदन, विकास, प्रवीन, राहुल, रविंद्र, सुमित्रा, सुनीता, युधिष्ठिर आदि मौजूद रहे।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों का काटा गया वेतन वापस किए जाए
- प्रतिदिन गैर हाजिरी पर कर्मचारियों का 1000 हजार रुपये न काटा जाए।
- खाकी वर्दी का प्रबंध किया जाए
- कानून के मुताबिक वेतन 7 तारीख तक दिया जाए
- सफाई करने वाले कर्मचारियों के लिए औजारों का प्रबंध किया जाए
- टेंडर की शर्त के मुताबिक नए कर्मचारी की संख्या बढ़ाई जाए
- सफाई कर्मचारियों का ईएसआई, ईपीएफ कार्ड बनवाया जाए व कार्य स्थल का पहचान पत्र बनाया जाए