सोनीपत। गोहाना रोड से पटवारी का अपहरण कर दो करोड़ की फिरौती मांगने के बाद 19 लाख रुपये लेकर छोडऩे के मामले में मुख्य आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर है। इसे लेकर सोमवार से पटवारियों ने राज्य स्तरीय कार्य बहिष्कार (वर्क सस्पेंड) शुरू कर दिया है। पटवारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
मयूर विहार निवासी पटवारी ओमप्रकाश ने वीरवार को पुलिस को बताया था कि वह सोनीपत की जाजी तहसील में पटवारी हैं। बुधवार सुबह वह मयूर विहार स्थित अपने घर से कार्यालय के लिए निकले थे। रास्ते में खाकी पेंट, पुलिसकर्मियों जैसी बेल्ट व जूते और सफेद कमीज पहने युवक ने इशारा कर उनकी गाड़ी रुकवा ली थी। लिफ्ट लेने के बाद आरोपी ने उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी थी और उनकी ब्रेजा गाड़ी में ही अपहरण कर घुमाते रहे। पीछे दूसरी गाड़ी में आरोपी के अन्य तीन साथी भी आ गए थे और दो करोड़ रुपये का इंतजाम करने का दबाव बनाया था। बाद में वह दबाव बनाकर 19 लाख रुपये लेकर भाग गए थे। उन्होंने पटवारी को गांव बड़वासनी के पास छोड़ दिया था।
मामले में जांच कर रही स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट प्रभारी अजय धनखड़ की टीम ने षड्यंत्रकारी संदीप को गिरफ्तार किया था। उसके बावजूद पटवारी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े रहे। उन्होंने सोमवार को कार्य स्थगित कर दिया। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रधान सन्नी दहिया ने कहा कि पटवारियों की मांग है कि परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए तथा फिरौती की रकम वापस दिलवाई जाए। जब तक उनकी मांगे पूरी नही होती, पटवारियों का वर्क सस्पेंड जारी रहेगा।