सोनीपत। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 10 फीसदी छूट के साथ गृहकर जमा कराने के लिए 31 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। हैरानी की बात है कि अभी तक नगर निगम की ओर से प्रॉपर्टी मालिकों को गृहकर के बिल तक नहीं बटवाएं जा सकें। ऐसे में गृहकर जमा कराने के लिए दी गई छूट का लाभ मिल पाना संभव नजर नहीं आ रहा। निगम क्षेत्र में एक लाख 70 हजार 120 प्रॉपर्टी है, जिसमें से अभी तक बिल के अभाव में एक लाख लोग गृहकर जमा नहीं करा पाए हैं। निगम की लापरवाही का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से प्रतिवर्ष गृहकर जमा कराने वालों को 31 जुलाई तक 10 फीसदी छूट देने के आदेश जारी किए हुए हैं। निगम क्षेत्र में 1.70 लाख प्रॉपर्टी हैं, जिनमें आवास, फ्लैट्स, दुकान, व्यावसायिक भवन, सरकारी व अर्द्घ सरकारी भवन शामिल हैं। इन प्रॉपर्टी से निगम प्रशासन प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करता है, जिसके लिए हर प्रॉपर्टी स्वामियों को गृहकर का बिल भेजा जाता है। पहली बार निगम ने चार माह बीतने के बाद गृहकर के बिलों का वितरण नहीं किया है। इस बार सर्वे कंपनी बदलने की वजह से गृहकर का डाटा भी अपडेट नहीं हुआ है। निगम की लापरवाही का खामियाजा प्रॉपर्टी मालिकों को भुगतना पड़ेगा। हर साल 31 जुलाई तक चालू वित्त वर्ष का गृहकर जमा कराने पर मिलने वाली 10 फीसदी की छूट उन लोगों को नहीं मिल सकेगी जो घर बैठकर गृहकर के बिल आने इंतजार कर रहे हैं। हालांकि निगम प्रशासन का कहना है कि प्रॉपर्टी मालिक निगम की टैक्स ब्रांच में आकर अपना बिल निकलवाकर जमा करा सकते हैं। उनको 31 जुलाई तक 10 फीसदी छूट मिलेगी।
इंसेट
ऐसे भर सकते हैं ऑनलाइन गृहकर
निगम अधिकारियों का कहना है ऑनलाइन गृहकर जमा करने के लिए वेबसाइट ulbharyana.gov.in पर जाकर शहर का विकल्प क्लिक करें। इसके बाद वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करें। प्रॉपर्टी आईडी के विकल्प में अपना प्रापर्टी आईडी नंबर डाल कर क्लिक करते ही बिल से संबंधित जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। जानकारी सही है तो पेमेंट के लिए आगे बढ़ें। यदि बिल में कोई गड़बड़ी है तो इसे ठीक करने के लिए निगम की प्रॉपर्टी शाखा में संपर्क किया जा सकता है।
इंसेट
ये है स्थिति
कुल प्रापर्टी : 1,70,120
रिहायशी प्रॉपर्टी: 75,484
व्यवसायिक भवन : 10,927
रिहायशी और दुकान: 38,583
प्लाट : 43,110
0
शहर के प्रॉपर्टी मालिकों से हर साल गृहकर वसूला जाता है। इस बार निगम की लापरवाही के कारण लोगों में गृहकर के बिल वितरित नहीं किए जा सके हैं। 31 जुलाई तक चालू बिल जमा कराने के लिए 10 फीसदी की छूट निर्धारित की है, लेकिन लोगों तक अभी तक बिलों का वितरण नहीं किया जा सका है। -अनिल एलाबादी निवासी चार मरला
-
निगम की लापरवाही का खामियाजा इस बार लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर के विकास के लिए लोगों से गृहकर वसूला जाता है। इस बार प्रॉपर्टी मालिकों में गृहकर के बिलों का वितरण नहीं किया गया। लोगों को इस बार जेब ढीली करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
देवराज दहिया, निवासी वेस्ट रामनगर
-
सरकार की ओर से प्रॉपर्टी मालिकों को राहत देनी चाहिए। इस बार निगम की ओर से गृहकर के बिल वितरित नहीं किए हैं। शहर के अधिकतर लोग गृहकर के बिल आने का इंतजार कर रहे हैं। 31 जुलाई को छूट खत्म होने के बाद लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।
धर्मबीर निवासी गोहाना रोड
वर्जन
पोर्टल बंद होने के कारण गृहकर के बिल नहीं बंटे हैं। लोगों की सुविधा के लिए काउंटर से बिल निकाले जा रहे हैं। गृहकर के चालू बिल पर 10 फीसदी छूट की अवधि 31 जुलाई को खत्म हो जाएगी। जो प्रॉपर्टी मालिक 31 जुलाई तक गृहकर जमा कराएगा, उसको ही लाभ मिल सकेगा। ऑनलाइन भी गृहकर जमा कराया जा सकता है।
राजेंद्र चुघ, क्षेत्रीय कर अधिकारी, नगर निगम