सोनीपत। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, सोनीपत में आयोजित ओलंपिक सेमिनार प्रेरणा और उत्साह से परिपूर्ण रहा। सेमिनार में करीब 200 प्रशिक्षुओं व स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। ओलंपिक विजेताओं के अनुभवों से नई ऊर्जा प्राप्त की। सेमिनार में दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित आंतिल ने युवाओं को अपनी कठिन संघर्ष यात्रा और उपलब्धियों से प्रेरित किया। ओलंपियन तीरंदाज (एथेंस 2004) सत्यदेव प्रसाद ने कहा कि जीवन में सदैव ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यही ऊर्जा हमें ऊंचाई तक लेकर जाती है। ओलंपियन तीरंदाज (एथेंस 2004) माझी सवाईयान ने कहा कि सफलता केवल पदक तक सीमित नहीं है बल्कि अनुशासन, मेहनत और उत्कृष्टता की निरंतर तलाश ही सच्चा ओलंपिक भाव है। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. शिवम शर्मा ने खिलाड़ियों को मित्रता, आदर और उत्कृष्टता जैसे ओलंपिक मूल्यों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन उपनिदेशक गौरव रावत ने किया। संवाद