सोनीपत। मरीजों को अब घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। साथ ही उन्हें लैब टेस्ट की सुविधा भी दी जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में 58 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की नियुक्ति की है। विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
उप सिविल सर्जन डाॅ. नीरज यादव व डॉ. जितेंद्र सिंह की तरफ से हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र के संचालन को लेकर उन्हें प्रशिक्षित किया गया। इन केंद्रों पर सुबह 9 से शाम 4 बजे तक ओपीडी लगा करेगी। उपचार के बाद उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। सामान्य बीमारियों के साथ मधुमेह, हृदय, कैंसर रोगियों को भी बेहतर इलाज मिलेगा। आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य ग्रामीण इलाके में हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र के माध्यम से गंभीर व असाध्य बीमारियों से ग्रसित रोगियों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इसके माध्यम से ब्लड प्रेशर, शुगर और कैंसर रोगियों की समयानुसार जांच व उनको जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे पहले 34 हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त हैं। यह केंद्र स्वास्थ्य उप केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मध्य की कड़ी है। इन केंद्रों पर न सिर्फ छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज हो रहा है बल्कि गंभीर बीमारियों की जांच भी की जा रही है। यहां दवा भी दी जा रही है।
केंद्र पर मिलेंगी 12 सुविधाएं
हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में 12 तरह की सुविधाएं होंगी। यहां इलाज के साथ जांच की भी सुविधा होगी। मातृत्व स्वास्थ्य और डिलिवरी की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य सुविधा, गर्भ निरोधक सुविधा, संक्रामक व असंक्रामक रोगों से उपचार की सुविधा होगी। जिला अस्पताल में मरीज को जो दवा लिखी जाएगी, वह दवा मरीज को अपने घर के पास के हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र में उपलब्ध हो इस पर भी काम चल रहा है। इन केंद्रों में रक्तचाप, मधुमेह और तीन तरह के कैंसर की जांच होगी। इनमें ओरल, ब्रेस्ट, सर्वाइकल कैंसर शामिल हैं। इन कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ा जाएगा।
हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में 58 सीएचओ ने नियुक्ति पाई है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को गांव के अंदर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक लोग उपचार करा सकेंगे। -डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत