फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शोध : अब किसानों को पलक झपकते ही मिलेगी मिट्टी की गुणवत्ता, जल व हवा की जानकारी

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनीपत। मौसम की मार औरर फसलों के कम उत्पादन से कर्ज के बोझ तले दबे किसान अब अपने खेत से फसल का बेहतर उत्पादन लेकर समृद्ध बन सकेंगे। इसके लिए दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल के विद्यार्थियों ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जिससे किसान खेत में मिट्टी की गुणवत्ता, जमीन में नमी, तापमान, मिट्टी में मौजूद तत्व व उनकी मात्रा, हवा की दिशा व जल की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। विद्यार्थियों ने इसे एग्रोवैंड पोर्टेबल डिवाइस का नाम दिया है। यह डिवाइस किसान के मित्र के रूप में काम करेगा।
विज्ञापन

डीसीआरयूएसटी के भौतिक विज्ञान के स्नातकोत्तर विज्ञान संकाय के प्रथम वर्ष के विद्यार्थी अंशुल, कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग बीटेक अंतिम वर्ष के विद्यार्थी नवीन व कशिश ने एसोसिएट प्रो. डॉ. दिनेश सिंह के नेतृत्व में संयुक्त रूप से एग्रोवैंड पोर्टेबल डिवाइस बनाया है। डिवाइस पोर्टेबल होने से इसको एक से दूसरे स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है। डिवाइस बनाने वाले विद्यार्थियों व प्रोफेसर ने बताया कि इसके निर्माण पर करीब 20 हजार रुपये का खर्च आता है। इसका वजन महज 10.5 किलोग्राम है। यह डिवाइस पूरी तरह बैटरी से संचालित है। एक बार बैटरी चार्ज करने पर यह 10 घंटे तक काम करती है। उन्होंने बताया कि डिवाइस बायोडिग्रेडेबल है। इसमें प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया गया है।
किसान मित्र के रूप में काम करने वाला यह डिवाइस पानी के पांच मापदंडों का आंकलन करने में भी सक्षम है। किसान को डिवाइस के माध्यम से यह पता चल सकेगा कि पानी में ईसी (इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी) पीएच, टीडीएस, कार्बोनेट और क्लोरीन कितनी मात्रा में है। इसके अतिरिक्त सूर्य से आने वाली किरणों के बारे में भी यह जानकारी प्रदान करेगा।
विज्ञापन

इंसेट
डिवाइस मिट्टी के 12 प्रकार के मानकों का करेगी विश्लेषण
यह डिवाइस मिट्टी के 12 प्रकार के मानकों का विश्लेषण करने में सक्षम है। जिसमें सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कार्बन, फास्फोरस, पीएच, नमी व तापमान की जानकारी पलक झपकते ही डिस्पले पर दिखाई देगी। यही नहीं डिवाइस वायु की गुणवत्ता जिसमें एनओ 2, एसओ 2, पीएम 2.5, पीएम 10 में प्रयुक्त विभिन्न गैसों व प्रदूषण के स्तर का आंकलन करने में मदद करेगा। डिवाइस यह भी बताएगा कि हवा की गति व दिशा क्या है। हवा में आर्द्रता व तापमान के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। किसान यह भी पता कर सकेंगे कि फसल में पौधों की जड़ों व तने का कितना तापमान है और कितने तापमान की आवश्यकता है।
इंसेट
खेतों से जंगली जानवरों को भगाएगा दूर
विद्यार्थियों ने जो डिवाइस तैयार किया है। उसमें अल्ट्रासोनिक स्पीकर लगे हुए हैं। अगर किसान रात को खेत में है तो उसे रातभर जागकर जंगली जानवरों से फसलों की रखवाली नहीं करनी होगी। डिवाइस में लगे स्पीकर से निकलने वाली आवाज जंगली जानवरों को खेतों से दूर भगाने का काम करेगी।
वर्जन
प्रोफेसर के सहयोग से विद्यार्थियों ने जो डिवाइस बनया है, इसका सदुपयोग कर किसान खेत से फसल का बेहतर उत्पादन ले सकेंगे। इससे विश्वविद्यालय के दूसरे विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। विश्वविद्यालय का कार्य होता है ज्ञान को पैदा करना। शोध किसी भी विश्वविद्यालय की रीढ़ होती है। शोधार्थियों को शोध मानव कल्याण को ध्यान में रखकर करना चाहिए।- प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत, कुलपति, डीसीआरयूएसटी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें