पंचायत चुनाव को लेकर कन्या महाविद्यालय में तीन नवंबर को हुई रिहर्सल के दौरान 20 अधिकारी व कर्मचारी गैर हाजिर रहे थे। उन पर कार्रवाई करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम ज्योति मित्तल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चुनाव ड्यूटी को गंभीरता से न लेने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी व चुनाव आयोग के अधिकारियों को भेजी गई है।
चुनाव ड्यूटी को गंभीरता से न लेने वाले कर्मचारियों को पहले चरण में रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम ज्योति मित्तल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसके तहत गैर हाजिर रहने वाले कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में पहुंचकर स्पष्टीकरण देना था। नोटिस के बावजूद कई पोलिंग अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया जिसके चलते अब ऐसे लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी एक्शन लिया जाएगा। गैरहाजिर कर्मचारियों की जगह दूसरे कर्मचारी नियुक्त करने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय को अनुरोध किया गया है। जिन कर्मचारियों की गैर हाजिरी दर्ज की गई है और उन्होंने स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। इस तरह से चुनाव ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं जिससे भविष्य में कोई भी कर्मचारी इस तरह की लापरवाही न करें।
चुनाव ड्यूटी एक महत्वपूर्ण कार्य होता है। चुनाव ड्यूटी को मना नहीं किया जा सकता। गंभीर बीमारी है या अन्य कारण है तो व्यक्तिगत रूप से रिटर्निंग अधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचना देनी होती है। अधिकारी व कर्मचारी ड्यूटी से खुद मना नहीं कर सकते। जो कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में लापरवाही बरतते हैं उनसे राज्य चुनाव आयोग की ओर से भी जवाब मांगा जाता है। यह मामला काफी लंबा चलता है। जिससे लापरवाह कर्मचारियों की मुश्किलें काफी बढ़ जाती है इसलिए सभी कर्मचारियों को समय रहते अपनी ड्यूटी का पालन करना चाहिए।