सेक्टर-23 की रहने वाली महिला के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 40 हजार रुपये निकाल लिये। महिला के पास न डेबिट कार्ड है और न ही क्रेडिट कार्ड है। किसी का फोन कॉल भी नहीं आई और न ही किसी को ओटीपी भेजा व मैसेज रिसीव किया। महिला को शक है कि आधार कार्ड से पैसे निकाले गए हैं। सिटी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सेक्टर-23 में रहने वाले शिक्षक सुरेंद्र सिंह की पत्नी सुदेश कुमारी के खाते से 40 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास न तो डेबिट कार्ड है और ही क्रेडिट कार्ड। उनके पास किसी की कॉल भी नहीं आई है। उसके बावजूद मंगलवार शाम को उनके खाते से चार बार में 40 हजार रुपये कट गए। बैंक में जानकारी लेने पर पता चला कि यह पैसे आधार कार्ड से निकाले गए हैं। उन्होंने अपना आधार कार्ड तीन महीने पहले एक बैंक में प्रयोग किया था। वहीं पर फिंगर प्रिंट दिए थे। उसके बाद कहीं पर आधार कार्ड का प्रयोग नहीं हुआ है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नए ट्रेंड से विशेषज्ञ भी हैरान
साइबर ठगी के नए ट्रेंड से विशेषज्ञ भी हैरान हैं। अब साइबर ठग न तो ओटीपी पता कर रहे हैं और न ही कोई एप डाउनलोड करा रहे हैं। लोगों के पास किसी तरह की कॉल भी नहीं आ रही हैं। उनके पास सीधे मैसेज आता है कि खाते से रुपये ट्रांसफर कर लिए गए हैं। आधार कार्ड के नंबर और फिंगर प्रिंट से राशि ट्रांसफर की जा रही है। इस तरह ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
ये आए मामले सामने
-15 सितंबर को एसटीएफ के एसआई हरिप्रकाश के खाते से दो बार में 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिये। उनके खाते से आधार कार्ड से राशि निकाली गई।
-17 सितंबर को सेक्टर-14 की रहने वाली देवरानी-जेठानी के बैंक खातों से रुपये ट्रांसफर कर लिये। शिक्षिका अंजू जैन के खाते से 79100 रुपये निकाल लिए गए। जबकि उनकी देवरानी कविता जैन के खाते से भी 20 हजार रुपये निकाले गए। उनके पास किसी साइबर ठग ने संपर्क नहीं किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। उन्होंने आधार कार्ड की जानकारी कहां साझा की थी, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
जहां पर आधार का प्रयोग करें उसका रिकॉर्ड रखें
साइबर एक्सपर्ट का मानना है कि आधार कार्ड का डाटा या तो चोरी हो रहा है या फिर बेचा जा रहा है। जांच पूरी होने पर ही हकीकत सामने आ सकेगी। ऐसे में जरूरी है कि जहां पर भी आधार कार्ड का प्रयोग करें, उसका पूरा विवरण अपनी डायरी में लिखकर रख लें। जिस व्यक्ति को आधार कार्ड प्रयोग करने तो दें, उसका भी मोबाइल नंबर सहित पूरा रिकॉर्ड रखने की जरूरत है।
साइबर ठगी के कई मामलों में आधार कार्ड से रुपये ट्रांसफर करने की जानकारी सामने आई है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने आधार कार्ड का प्रयोग नहीं किया है। ऐसे में डाटा चोरी होने की आशंका ज्यादा है। लोगों को अपने आधार कार्ड के प्रयोग की पूरी जानकारी लिखकर रखनी चाहिए। उसके साथ ही आधार कार्ड के एप में जाकर फिंगर प्रिंट को नॉन एक्टिव कर रखें। जब जरूरत हो, तभी एक्टिव कर लें। ऐसे में डाटा साइबर ठगों के हाथ लगने पर भी ठगी से बचा जा सकेगा।
-जोगेंद्र सिंह, प्रभारी, साइबर सेल, एसपी कार्यालय, सोनीपत।