संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गांव बीधल निवासी एक युवक शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का आरोप है कि चिकित्सक ने उसकी पत्नी की सिजेरियन डिलीवरी की और अंदर थक्के छोड़ दिए। जिससे उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। उसने इस बारे में अस्पताल प्रबंधन को भी अवगत कराया, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। युवक ने सिविल सर्जन को शिकायत देते हुए कार्रवाई की मांग की है।
बीधल निवासी अजय ने आरोप लगाया कि उसने अपनी गर्भवती पत्नी रवीना को शहर के एक निजी अस्पताल में 18 जनवरी को दाखिला करवाया था। उसी दिन चिकित्सक ने सिजेरियन डिलिवरी की। डिलीवरी के दूसरे दिन ही पत्नी को बुखार व पेट में दर्द शुरू हो गया। अस्पताल प्रबंधन को अवगत कराने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। जब टेस्ट करवाए तो रिपोर्ट में गंभीर समस्याएं आई। पत्नी को 9 दिन तक आईसीयू में रखा गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद दूसरे अस्पताल में दाखिल किया। जहां ऑपरेशन किया और अंदर थक्के (क्लॉट्स) होने का पता लगा। पत्नी की जान तो बच गई, लेकिन आर्थिक नुकसान व परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया। युवक व उसके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने व मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप
गांव बिधल निवासी दिलबाग सिंह ने मॉडल टाउन क्षेत्र में चल रहे एक निजी अस्पताल के चिकित्सक पर दो माह के बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। आरोप है कि चिकित्सक की लापरवाही के चलते उसकी दो माह की बेटी के कान में इंफेक्शन हुआ है। व्यक्ति ने मामले की शिकायत सीएम विंडो पर देकर कार्रवाई की मांग की। दिलबाग सिंह का कहना है कि सरकार के नियमानुसार 60 वर्ष की उम्र होने के बाद सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए, लेकिन फिर भी वह सरकार के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। दिलबाग ने मामले की शिकायत उपायुक्त व सीएम विंडो पर की है।