फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: पानी ले लो पानी... सब्जी-भाजी की तरह बिक रहा पेयजल

Tue, 07 Feb 2023 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
फोटो :35: सोनीपत के गांव राई में टैंकर से पेयजल लेते क्षेत्रवासी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सोनीपत। राई और कुंडली क्षेत्र में भूजल सूखने लगा है। डार्क जोन में जा चुके दोनों क्षेत्र का भूजल पीने के लायक नहीं है। ऐसे में अब सुबह लोगों की आंख सुबह पानी ले लो पानी की आवाज से खुलती है।
डेढ़ दशक पहले तक जहां सब्जी-भाजी ही इस तरह आवाज लगाकर बेची जाती थी, वहीं अब पानी भी इसी तरह से बिकने लगा है। क्षेत्रवासी यह तो जानते थे कि पानी अमूल्य है, लेकिन अपनी प्यास बुझाने के लिए उसके लिए मूल्य चुकाना पड़ेगा यह शायद नहीं सोचा था। क्षेत्रवासी अब पेयजल आपूर्ति के लिए यमुना के पास ट्यूबवेल लगाए जाने की बाट जोह रहे हैं।
विज्ञापन

राई और कुंडली क्षेत्र में वर्ष 2003 के आसपास तेजी से औद्योगिक क्षेत्र बसाया गया। जिससे यहां ग्रामीणों के साथ बाहर से आकर रहने वाले लोगों की जनसंख्या भी तेजी से बढ़ने लगी। अब राई व कुंडली क्षेत्र में जहां स्थानीय ग्रामीणों की संख्या हजारों में है, वहीं बिहार व यूपी समेत अन्य प्रदेशों से आकर बसे लोगों की संख्या लाखों में पहुंच गई है। उद्योग स्थापित होने के साथ ही यहां भूमिगत जल स्तर भी तेजी से कम होता चला गया। दोनों क्षेत्र डार्क जोन में चले गए हैं। सोनीपत क्षेत्र में तेजी से डार्क जोन की तरफ बढ़ रहा है। भूमिगत जल स्तर 20 से 45 मीटर तक पहुंच गया है। इसमें सोनीपत शहर के अलावा राई, मुरथल गन्नौर का इलाका भी शामिल हैं। यहां कुछ गांवों में भूजल 40 मीटर से भी नीचे पहुंच गया है। राई का भूजल स्तर वर्तमान में 14.02 मीटर है। यहां पर बढ़ती आबादी व बदलता पर्यावरण बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों को खर्च करने पड़ रहे रुपये
पहले ग्रामीणों में कहावत थी कि पानी से पतला कुछ नहीं होता। अब वही पानी लोगों को खरीदकर पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मध्यम वर्गीय ज्यादातर परिवारों ने घर में आरओ सिस्टम लगवा लिए हैं, लेकिन जो इसका खर्च वहन नहीं कर पाते वह रोजाना 15 रुपये का कैंपर खरीदकर गला तर कर रहे हैं। एक आरओ करीब 10 हजार रुपये में आता है। उसके बाद उसके मेंटेनेंस पर भी लगातार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यहां तक की 150 रुपये का आने वाला फिल्टर तो हर माह बदलना पड़ता है। इसके लिए मैकेनिक का चार्ज भी देना पड़ता है। आरओ मैकेनिक नीरज की माने तो राई गांव में टीडीएस का स्तर 1500 से 1800 तक है। यह खतरनाक श्रेणी में हैं। शुद्ध पेयजल में टीडीएस 90 से 100 तक ही होना चाहिए।
खरीदकर पी रहे पानी, बढ़ रही परेशानी
राई क्षेत्र में पानी का स्तर काफी नीचे जा चुका है। भूजल भी पीने लायक नहीं रह गया है। अगर सीधा सबमर्सिबल से पानी निकालकर पीते हैं तो पेट की बीमारियां लग जाती है। इसके साथ ही क्षेत्र में लीवर व कैंसर के मरीज भी मिल रहे हैं। यह सब खराब पानी के कारण ही है।-अंकित
गांव में पहले नलकूप लगे थे। बचपन में उन्हीं का पानी पीते थे। अचानक औद्योगीकरण हुआ तो भूजल भी प्रभावित हो गया। अब करीब दस साल से घर में आरओ लगवा रखा है। उसका ही पानी पीने को मजबूर है।-सौरभ त्यागी
सुबह से ही गली में पानी बेचने के लिए ट्रैक्टर व चार पहिया वाहन चालक पानी की टंकियां लेकर पहुंच जाते हैं। सुबह पानी बेचने वालों की आवाज सुनकर ही आंख खुलने लगी है। पेयजल का बेहतर प्रबंध किया जाना चाहिए। आरओ का पानी सेहत को भी प्रभावित कर रहा है। साथ ही यह भी नहीं पता कि आरओ के नाम पर कहीं सादा पानी लाकर न पिलाया जा रहा हो। -मोहित कौशिक
राई व लिवान गांव में पेयजल की समस्या है। इसे कई बार नगर निगम की बैठक में उठाया गया था। जिसे लेकर अमृत-2 के तहत पेयजल लाइन बिछाने व यमुना पर ट्यूबवेल लगाने की मंजूरी तो मिल गई, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। इसे लेकर मैंने ग्रामीणों को साथ लेकर पानी की समस्या को मुख्यमंत्री के सोनीपत में जनसंवाद कार्यक्रम में भी उठाया था। लोगों की समस्या के जल्द समाधान को लेकर लगातार प्रयासरत हूं। नगर निगम अधिकारियों को भी कई बार लिखित व मौखिक रूप से इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है। -पुनित राई, नगर पार्षद, वार्ड-8
सोनीपत के राई क्षेत्र में भूमिगत जल स्तर में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट आई है। विभाग लगातार जलस्तर मापता है। वर्ष में दो बार आंकड़े जुटाए जाते हैं। पूरे सोनीपत जिले के हालात खराब हैं। भूमिगत जल स्तर को सुधारने व जल संरक्षण पर जोर देने की जरूरत है। -डॉ. दलबीर राणा, भूजल संरक्षण अधिकारी
राई व आसपास के क्षेत्र में जिन गांवों में पेयजल की दिक्कत है वहां अमृत-2 योजना के तहत पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही यमुना पर ट्यूबवेल लगाकर वहां से आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग को लाइन बिछाने व ट्यूबवेल लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन

निजेश, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम सोनीपत

फोटो :35: सोनीपत के गांव राई में टैंकर से पेयजल लेते क्षेत्रवासी।

फोटो :35: सोनीपत के गांव राई में टैंकर से पेयजल लेते क्षेत्रवासी।

फोटो :35: सोनीपत के गांव राई में टैंकर से पेयजल लेते क्षेत्रवासी।

फोटो :35: सोनीपत के गांव राई में टैंकर से पेयजल लेते क्षेत्रवासी।

फोटो :35: सोनीपत के गांव राई में टैंकर से पेयजल लेते क्षेत्रवासी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें