संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। नगर निगम की ओर से गृहकर का डाटा सुधार करने के लिए नागरिक सुविधा केंद्र में शिविर लगाया गया। तीन दिवसीय शिविर के पहले दिन 225 प्रॉपर्टी मालिक शिकायतें दर्ज कराने पहुंचे। शिविर के दौरान मेयर निखिल मदान ने भी निरीक्षण किया। समस्या लेकर पहुंचे प्रॉपर्टी मालिक ने बताया कि उनकी रिहायशी प्रॉपर्टी को कॉर्मिशयल दिखाया है तो कुछ मामले जमीन ज्यादा दर्शाने के सामने आए हैं। निगम की तरफ से 13 काउंटर लगाए गए। सभी काउंटरों पर दिनभर प्रॉपर्टी आईडी में आई त्रुटि ठीक करवाने वाले भीड़ लगी रही। यह शिविर शनिवार व रविवार को भी लगाया जाएगा।
पिछले वर्ष याशी कंसल्टेंसी कंपनी की ओर से प्रॉपर्टी सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान करीब 1 लाख 86 हजार प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई थी। इनमें से काफी संख्या में ऐसी आईडी सामने आई जो निगम के सर्वे से मिलान नहीं हो रही थी। जिनको ठीक कराने के लिए लोग काफी परेशान है। उनकी समस्या के समाधान के लिए निगम ने तीन दिवसीय शिविर लगाया है। 11 काउंटर पर गृहकर बिल में आई त्रुटियों को ठीक करने संबंधित काम किया, जबकि दो काउंटरों पर गृहकर जमा कराने का काम किया गया। जिसमें बिल ठीक कराने के बाद प्रॉपर्टी मालिक 31 जनवरी तक 50 फीसदी ब्याज छूट के साथ गृहक जमा करा सकेंगे।
अवकाश के दिन भी खुलेगा नागरिक सुविधा केंद्र
प्रॉपर्टी आईडी में हुई त्रुटि को ठीक करने के लिए नगर निगम ने नागरिक सुविधा केंद्र को शनिवार व रविवार को भी खोलने का निर्णय लिया है। इसके लिए कई कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। नागरिक सुविधा केंद्र में शनिवार व रविवार को भी अलग से काउंटर लगाए जाएंगे। शिविर में इस बार दो-दो वार्ड के लिए एक काउंटर लगाया गया। किसी वार्ड में कोई सुविधा से वंचित न हो उसको लेकर सभी पार्षदों से निगम ने सहयोग मांगा। उप निगम आयुक्त हरदीप सिंह व क्षेत्रीय कर अधिकारी राजेंद्र चुघ ने कर्मचारियों को बेहतर तरीके से प्रॉपर्टी मालिकों की शिकायतें दर्ज करके उनका समाधान करने के निर्देश दिए।
गृहकर में हुई त्रुटि को ठीक करने के लिए लगाया गया शिविर 29 जनवरी तक चलेगा। इसमें निगम क्षेत्र के रहने वाले प्रॉपर्टी मालिक अपनी प्रोपर्टी आई.डी. में हुई त्रुटि को ठीक करवा सकता है। अवकाश के दिन शनिवार व रविवार को भी शिविर लगाया जाएगा। वहीं 31 जनवरी तक एकमुश्त गृहकर जमा करने पर 50 फीसदी ब्याज छूट का लाभ दिया है।मोनिका गुप्ता, आयुक्त नगर निगम