संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सरकार की ओर से किसानों की सरसों खरीद करने का दावा किया जा रहा है। हैफेड की ओर से सरसों की सरकारी खरीद के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। रोहतक रोड नई अनाज मंडी सरसों लेकर आ रहे किसानों को बिक्री न होने के कारण परेशानी हो रही है। वीरवार को मंडी में नमी मापक यंत्र में गड़बड़ी मिली। किसानों का आरोप है कि जिस मशीन से फसल की नमी मापी गई, उसमें पहले से ही 4 फीसदी नमी का आंकड़ा दर्शाया गया था। ऐसे में जब फसल की नमी मापी गई तो यह 12-13 फीसदी मिली। हैफेड ने नमी ज्यादा बताकर फसल की खरीद रोक दी गई, जबकि वास्तव में फसल की नमी 8-9 फीसदी ही थी। दूसरे यंत्र के साथ नमी मापने पर यह खुलासा हुआ। हैफेड के जिला प्रबंधक ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी मशीन में कोई गड़बड़ी नहीं है।
नई अनाज मंडी में वीरवार कई किसान सरसों की फसल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हैफेड कर्मियों ने सरसों की फसल में ज्यादा नमी बताकर फसल खरीद टाल दी। ऐसे में उन्हें शक हुआ तो फिर से नमी की जांच की गई। उन्होंने पाया कि जिस यंत्र से नमी मापी गई थी, उसमें पहले से ही 4 फीसदी नमी डिस्प्ले हो रही थी। ऐसे में जब फसल की नमी मापी गई तो यह 12 या 13 फीसदी मिली। उन्होंने दूसरी मशीन के साथ नमी मापी तो यह 8 या 9 फीसदी ही मिली। किसान समेसिंह, बिजेंद्र ने जब कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि पहले यंत्र में खराबी हो सकती है, ऐसे में दूसरा यंत्र दिया गया जिससे फसल की नमी मापी गई। किसानों की शंका को दूर किया गया और निर्धारित नमी मिलने पर उनकी फसल खरीद ली गई।
वर्जन
अनाज मंडी में नमी मापक यंत्रों में कोई खराबी नहीं है। मंडी में उनके पास तीन मशीनें रखी है। किसानों को शंका है तो वह मार्केट कमेटी की मशीन से नमी माप सकते हैं। 41 मीट्रिक टन सरसों मंडी में पहुंची, जिसमें से 40 मीट्रिक टन सरसों की खरीद कर दी है।
उमाकांत शर्मा, जिला प्रबंधक, हैफेड, सोनीपत