गन्नौर। नगरपालिका की ओर से पार्कों के सुंदरीकरण के लिए हर माह डेढ़ लाख रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद पार्कों में देखरेख नहीं हो रही है। सभी पार्कों में बिना देखरेख के घास कटाई व पौधों की नलाई व पगडंडी पर सफाई का बुरा हाल है।
पार्कों में सैर करने के लिए आने वाले आशीष, प्रवीन, विनोद, संजय का कहना कि रात के समय तो पगडंडी पर सफाई न होने के कारण रात के समय भय रहता है। वह जब पार्कों की देखरेख को लेकर बात करते हैं तो अधिकारी बारिश का बहाना बना लेते हैं। पार्कों में कई लाइट भी बंद पड़ी हैं और झूले टूटे हुए हैं। इससे शहर के लोगों में रोष है। उनका कहना है कि जब पार्कों की देखभाल नहीं हो रही तो इनके रखरखाव के लिए खर्च फिजूल है। घास की कटाई व पौधों की छंटाई न होने के कारण पार्क में बैठना मुश्किल हो गया है।
लोगों का कहना कि पार्कों के रखरखाव के लिए ठेका मजदूरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। एक पार्क का काम पूरा होने में कई- कई दिन निकल जाते हैं। हाल में पार्कों की हालत को देख लगता है कि प्रतिदिन पगडंडी पर झाडू तक नहीं लगाई जा रही।
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बारिश के कारण पार्कों में घास की कटाई व पौधों की छंटाई नहीं हो पाई थी। इससे पार्कों में व्यवस्था खराब हो गई थी। अब पार्कों के सुंदरीकरण पर जोर दिया जा रहा है। जल्द ही सभी पार्कों की व्यवस्था में सुधार हो जाएगा।
- जयदेव, सहायक अभियंता, नगरपालिका, गन्नौर