संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिलाधीश डॉ. मनोज कुमार ने व्यय निगरानी और आदर्श आचार संहिता के पालन के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों की टीम गठित की है। व्यय निगरानी के लिए सहकारी चीनी मिल के प्रबंधक संजय कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
व्यय निगरानी के प्रभारी अधिकारी के तौर पर डीईटीसी (जीएसटी) नील रतन को नियुक्त किया गया है। उन्होंने छह विधानसभा क्षेत्रों के लिए सहायक व्यय पर्यवेक्षक (एईओ) नियुक्त किए हैं। इनमें गन्नौर हलके के लिए डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से एसएओ दलपत सिंह, राई हलके के लिए बीपीएसएमवी खानपुर कलां से सहायक रजिस्ट्रार महिपाल को लगाया है। खरखौदा हलके के लिए एमएनएसएस राई से लेखाधिकारी पवन कुमार, सोनीपत हलके के लिए जिला परिषद से लेखाधिकारी विनोद कुमार जैन, गोहाना हलके के लिए दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल से लेखाधिकारी जुगल किशोर व हरियाणा रोडवेज से लेखाधिकारी रमेश वर्मा को नियुक्त किया है।
उपायुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य प्रत्याशियों के प्रचार व्यय पर नजर रखना है। बड़े राज्यों के प्रति निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार व्यय 95 लाख रुपये और छोटे राज्यों के प्रति निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार व्यय 75 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि निगरानी टीमों की ओर से नियंत्रित चेक-पोस्ट पर यदि किसी वाहन में 10 लाख रुपये से अधिक की नकदी पाई जाती है और किसी भी अपराध के कमीशन या किसी भी उम्मीदवार, एजेंट या पार्टी से जुड़े होने का कोई संदेह नहीं है तो निगरानी टीम नकदी जब्त नहीं करेगा और आयकर कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए, आयकर प्राधिकरण को जानकारी देगा। उन्होंने कहा कि सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में यदि निगरानी कमेटी की ओर से कोई नकदी जब्त की जाती है तो उसकी सुनवाई के लिए ट्रेजरी कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा जब्त की गई नकदी की सुनवाई जिला परिषद कार्यालय में निगरानी कमेटी के समक्ष की जाएगी।