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लंपी चर्म रोग वायरस : 12 हजार गोवंशों को लगी गॉट पॉक्स वैक्सीन, 69700 डोज आवंटित

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गोशाला में गोवंश को वैक्सीन लगाते पशु चिकित्सक। संवाद - फोटो : Sonipat
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पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से गोवंशों को लंपी स्किन वायरस से बचाने के लिए रविवार को दूसरे दिन गोशाला व नंदीशालाओं में टीकाकरण अभियान चलाया। रविवार शाम तक 12 हजार गोवंशों को वैक्सीन लगाई गई। साथ ही विभाग के पास वैक्सीन की खेप भी खत्म हो गई है। वहीं मुख्यालय की ओर से विभाग को वैक्सीन की 69700 डोज आवंटित की गई है। अगले दो से तीन दिन में यह वैक्सीन पहुंचेगी। उसके बाद दोबारा से अभियान शुरू किया जाएगा। दो दिन में 12 हजार 100 गोवंशों को गॉट पॉक्स वैक्सीन वेटरनरी सर्जनों की देखरेख में लगाई है।
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जिले में सभी गोवंश अभी तक लंपी वायरस से बचे हैं। 10 दिन पहले मुख्यालय ने इस बीमारी से निपटने के लिए 20 हजार 100 वैक्सीन आवंटित की थी। पशु चिकित्सकों ने दो दिन में अभियान चलाकर वैक्सीन लगा दी। अब विभाग के पास वैक्सीन खत्म हो गई है। वहीं मुख्यालय से अगले दो से तीन दिन में वैक्सीन की 69700 डोज सोनीपत पहुंचेगी। गोवंशों की सुरक्षा को लेकर छिड़काव के लिए कीटनाशक की व्यवस्था की गई है। वैटरनरी सर्जन व एनिमल अटेंडेंट अपनी देखरेख में गोशालाओं में छिड़काव करा रहे हैं। गोवंशों को लंपी वायरस से बचाव के लिए एहतियात बरती जा रही है।
पशुओं के शेड में करें स्प्रे
उपायुक्त ललित सिवाच ने बताया कि लोगों को लंपी वायरस से घबराने की आवश्यकता नहीं है, परंतु इसको नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए पहले ही टीकाकरण जरूर करवाएं। लंपी स्किन बीमारी में पशुओं को बुखार, लार, आंखों और नाक से पानी का बहना, वजन घटना, दूध उत्पादन में गिरावट इत्यादि समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने बताया कि यह मच्छरों, मक्खियों और जूं के साथ पशुओं की लार, दूषित जल एवं भोजन के माध्यम से फैलता है। पशुपालकों को चाहिए कि वे पशुओ के शेड की सफाई व स्वच्छता पर ज्यादा ध्यान दें। रोजाना सुबह शाम शेड में कॉपर सल्फेट या सोडियम हाईपो क्लोराइट या फिनायल का स्प्रे करें, जिससे वायरस को मारा जा सके।
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उन्होंने पशुपालकों का आह्वान किया कि वह शेड में नए जानवरों को अलग रखें और प्रभावित क्षेत्र से जानवरों की आवाजाही से बचें। यदि बिमारी से ग्रसित किसी पशु की मृत्यु हो जाती है तो उसको 8-10 फीट गहरे गड्ढे में नमक व चूना डाल कर मिट्टी से पूरी तरह दबा देना चाहिए। उन्होंने लोगों को कहा कि वह इन दिनों पशुओं की खरीद-फरोख्त करने से बचें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उपनिदेशक पशुपालन एव डेयरी विभाग सोनीपत कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में संपर्क किया जा सकता है।
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