सोनीपत। 1008 स्वामी दयानंद सरस्वती यति महाराज ने कहा कि मनुष्य का प्रेम व भक्ति शुद्ध होते हैं तो ईश्वर स्वयं उसकी सहायता के लिए आते हैं। गोपियों की श्रीकृष्ण से जुड़ी कथा हमें भगवान के प्रति आध्यात्मिक प्रेम की झलक दिखाती हैं। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं अत्यंत प्रेरणादायक हैं।
दयानंद सरस्वती महाराज देव नगर स्थित शिवा शिक्षा सदन विद्यालय में स्वर्ण जयंती पर आयोजित ज्ञानोदय महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन प्रवचन कर रहे थे। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सुरेश जैन व केरल से उपायुक्त अन्नु कुमारी ने शिरकत की। सरस्वती महाराज ने ग्यारहवें स्कंध के अंतर्गत रासलीला का वर्णन, कृष्ण विरह में गोपियों की दशा, भगवान महारास वर्णन, मथुरा गमन, गुरुकुल, उद्धव का ब्रज गमन, गोपी उद्धव संवाद, जरासंध युद्ध, द्वारिका पुरी का निर्माण, रुक्मणी हरण के प्रसंग का वर्णन किया। बच्चों ने भगवान कृष्ण की माखन चुराना, गोपियों के साथ खेलना, वस्त्र हरण, रास रचाना जैसी बाल लीलाओं पर आकर्षक नाटिका प्रस्तुत की। मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।