गन्नौर। गढ़ी केसरी स्थित राधा कृष्ण मंदिर में कंठी माता सेवा समिति की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन रहा। कथावाचक कार्ष्णि बलदेव कृष्ण शास्त्री ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर ढंग से दर्शाया। उन्होंने परीक्षित व शुकदेव से जुड़ी कथा के प्रसंग को सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथावाचक कार्ष्णि बलदेव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात कल्पवृक्ष है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के पाप दूर होते हैं। जिन श्रद्धालुओं ने इस कथा का श्रवण किया, उन पर परमात्मा की अपार अनुकंपा रही। श्रीमद्भागवत कथा कृष्ण भगवान की शब्दावली है, इसमें सभी पुराण, चारों वेद व छह शास्त्रों का संपूर्ण ज्ञान अंकित हैं। श्रीमद्भागवत श्रवण मन को पवित्र करने का एक मात्र उपाय है। जिस प्रकार सूर्य संपूर्ण सृष्टि में अंधकार का नाश कर प्रकाश का प्रादुर्भाव करता है, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत महापुराण मनुष्य के मन में व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश करती है। सद्कर्म के बाद ही व्यक्ति के मन में भागवत कथा सुनने की इच्छा जागृत होती है। जिसे भागवत श्रवण का अवसर नहीं मिलता, उनका जीवन पशु तुल्य है।