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अकाउंटेंट के हत्यारे ऑपरेटर को उम्रकैद: कंपनी में घुसकर की थी वारदात, सिक्योरिटी गार्ड से भी की थी कहासुनी

Fri, 05 May 2023 05:27 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। 26 अक्तूबर  2019 की रात को गांव सनपेड़ा के पास स्थित कंपनी में हत्या की थी। 
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Demo Pic - फोटो : google
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने कंपनी में घुसकर अकाउंटेंट की हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए दोषी ऑपरेटर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

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पानीपत के गांव देहरा निवासी सुनील ने 27 अक्तूबर, 2019 को बड़ी औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को बताया था कि वह गांव सनपेड़ा के पास स्थित एचआरएल फूड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। वह 26 अक्तूबर 2019 की रात को कंपनी में मौजूद थे।

उनके साथ कंपनी में बिजली मैकेनिक भगवंत भी खड़े थे। इसी दौरान कंपनी में ऑपरेटर गांव कुराड़ निवासी दीपक आया था। वह कंपनी में आते ही उनके साथ झगड़ा करने लगा था। बाद में वह उनके पास से चलकर अकाउंटेंट राजस्थान के सालासर निवासी विजय शेखावत के पास पहुंचा था।
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वह उनके साथ झगड़ा करने लगा था। जब वह उसे झगड़ा करते देख बीच बचाव को गए थे तो अचानक दीपक ने उनके हाथ से डंडा छीनकर विजय शेखावत पर कई वार कर दिए थे। बचाव में उन्हें भी चोट लगी। हमले में विजय शेखावत बेहोश होकर नीचे गिर पड़े थे।

उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में सुनील के बयान पर हत्या व मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जांच अधिकारी कुलदीप सिंह की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

आरोपी ने शुरुआती पूछताछ में कुबूल किया था कि विजय शेखावत काम को लेकर उसे टोकता था। साथ ही उनकी शिकायत भी कर देता था। जिसके चलते वह उनसे रंजिश रखता था। इसी रंजिश में हमला कर दिया था। पुलिस ने आरोपी से वारदात में प्रयुक्त डंडा व बाइक बरामद कर ली थी। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दिया था। जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

मामले की सुनवाई के बाद एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने आरोपी दीपक को दोषी करार दिया। अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए दोषी को हत्या के मामले में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। साथ ही भादंसं की धारा 323 में भी छह माह कैद की सजा सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।

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