अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देविंद्र सिंह की अदालत ने तूड़े का काम करने वाले मजदूर की पिटाई करने व छत से गिराकर हत्या करने के मामले में दोषी को उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गांव बड़ौता निवासी सोनू ने 5 मई, 2016 को सदर थाना गोहाना पुलिस को बताया था कि उसका भाई राजेश तूड़ा बनाने का काम करता था। वह अपने साथियों के साथ गांव भैंसवाल कलां में तूड़ा बनाने गया था। वह रात के समय खेत में बने कमरे की छत पर बैठे थे। उनमें मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद राजेश की पिटाई कर उसे छत से गिरा दिया गया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना मिलते ही वह गांव भैंसवाल कलां में राजेश के पास पहुंचा तो वह गांव के नरेंद्र के कमरे में बेहोशी की हालात में पड़ा था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। उसे पीजीआई रोहतक ले जाया गया। पुलिस ने सोनू के बयान पर बिजेंद्र, जोनी, सतीश, अजय व नरेंद्र के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने राजेश के बयान दर्ज किए थे। उसने बताया था कि उसकी पिटाई कर बिजेंद्र ने उसे छत से धक्का दे दिया था। जिसके बाद बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया था। राजेश का लंबे समय तक इलाज चला, लेकिन 12 अप्रैल, 2017 को उसकी मौत हो गई । बिसरा व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रीढ़ की हड्डी में लगी चोट के कारण उसकी मौत का पता लगा था। जिस पर पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ दी थी।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे देविंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी बिजेंद्र को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया।