सोनीपत के रेलवे रोड स्थित नगर निगम कार्यालय में खड़ी दमकल विभाग की गाड़ी। संवाद
सोनीपत। खेतों में गेहूं की फसल पक कर तैयार होने के साथ ही कई स्थानों पर कटाई शुरू हो चुकी है। फसल पकने के बाद अक्सर उसमें आग लगने का डर सताने लगता है। इसको देखते हुए दमकल विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने आग से निपटने के लिए कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है।
जिले के 10 दमकल केंद्रों को महज 127 फायर ऑपरेटर के सहारे चलाया जा रहा है। तीन साल से 100 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया अधर में है। ऐसे में 25 गाडि़यों के संचालन में दिक्कत होती है। गर्मी में फसल में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। दमकल विभाग के कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए भेजा जाता है। ऐसे में आग लगने की घटनाओं को तुरंत काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग ने अलर्ट जारी कर सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। जून माह तक दमकल कर्मचारी रोजाना ड्यूटी देंगे। विभाग के पास 127 फायर ऑपरेटर में से महज 27 स्थायी हैं। जबकि सरकार की तरफ से स्थायी ऑपरेटर के 104 पद स्वीकृत हैं। ऐसे में विभाग को पे-रोल पर लगे 94 व आउटसोर्सिंग के तहत लगे छह कर्मियों से काम चलाना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की कमी को नहीं किया जा रहा पूरा
सरकार की तरफ से कर्मचारियों की कमी को पूरा नहीं किया जा रहा है। विभाग में वर्ष 2006 में फायर ऑपरेटर की पक्की भर्ती हुई थी। उसके बाद से अभी तक कोई भर्ती नहीं हुई है। सोनीपत में 56, गोहाना व गन्नौर दमकल केंद्र में फायर ऑपरेटर के 24-24 पद स्वीकृत हैं। इनमें से महज 27 फायर ऑपरेटर के पद भरे हुए हैं। वर्ष 2006 के बाद कुंडली औद्योगिक क्षेत्र, राई औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-तीन सोनीपत, राजीव गांधी एजुकेशन सिटी राई, सेक्टर-23 व बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में दमकल केंद्र के लिए नए भवनों का निर्माण कर उन्हें चालू किया जा चुका है। ऐसे में स्थायी फायर ऑपरेटर की कमी होने के कारण पे-रोल व आउटसोर्स पर लगे कर्मियों के भरोसे रहना पड़ता है।
वर्जन
गेहूं की फसल में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। साथ ही विभाग में दमकल केंद्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 100 और फायर ऑपरेटर की आवश्यकता है। मुख्यालय स्तर पर कई बार मांग भेजी जा चुकी है।-राजेंद्र सिंह दहिया, सहायक मंडल अग्निशमन अधिकारी सोनीपत