मयंक ने 11.50 मीटर गोला फेंक जीता रजत
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दिल्ली में चल रहे पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में 1400 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें 200 खिलाड़ी प्रदेश के हैं। दो दिन पहले जहां लंबी कूद में सोनीपत के विकास चौहान ने स्वर्ण पदक जीता था, वहीं बुधवार को गोला फेंक में बहालगढ़ के मयंक ने रजत पदक जीता। मयंक के पिता सुनील गुप्ता और मां सोनिका गुप्ता अपने बेटे के प्रदर्शन से खुश हैं।
मयंक मूलरूप से झज्जर के रहने वाले हैं। उनके पिता सुनील गुप्ता सोनीपत के बहालगढ़ स्थित फैक्टरी में काम करते हैं, इसलिए पूरा परिवार बहालगढ़ में रहता है। मयंक ने बताया कि उनका एक हाथ और एक पैर पूरी तरह से अक्षम हैं, इसलिए शुरू से ही पढ़ाई पर फोकस किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की।
इस दौरान विश्वविद्यालय में आयोजित पैरा खेलो में शॉटपुट स्पर्धा में भाग लिया और बेहतर प्रदर्शन किया। जिसके बाद उनके नाना रमेश गर्ग ने उन्हें शॉटपुट में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस खेल में कड़ी मेहनत की और पुणे में कोचिंग भी ली। जिसका परिणाम है कि आज खेलो इंडिया में रजत पदक पर प्राप्त किया है।