गन्नौर/गोहाना/खरखौदा। जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों को जिले की पांच खापों ने भी दिल्ली पहुंचकर समर्थन दिया। अपना समर्थन देने के साथ ही चेतावनी दी कि 20 मई तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 21 मई को खाप महापंचायत कर बड़ा फैसला लेगी। खापों के प्रतिनिधि व सदस्य रविवार को अपने साथियों के साथ दिल्ली पहुंचे थे। लववंशीय खत्री खाप और जटवाड़ा 360 खाप भी अब दिल्ली में धरने पर बैठे पहलवानों के समर्थन में दिल्ली पहुंची। जटवाड़ा 360 के प्रधान राजेंद्र खत्री और लववंशीय खत्री खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र खत्री ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं होती है तो खाप दिल्ली के चारों तरफ सड़क जाम करने से पीछे नहीं हटेंगी।
उन्होंने कहा कि जब बेटियां देश के लिए पदक लेकर आई थीं, तब उन्हें सम्मान की नजर से देखा जा रहा था। वह अब अपने साथ हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज उठा रही हैं तो उन्हें विशेष वर्ग का बताकर अपमानित किया जा रहा है। खाप ने दिल्ली में फैसला लिया कि 20 मई तक कार्रवाई नहीं होती है तो 21 को महापंचायत कर कड़े फैसले लिए जाएंगे। इस दौरान ईश्वर खत्री, रामधन खत्री, ममान खत्री, अतर सिंह पहलवान मौजूद रहे।
मलिक और आहुलाना 12 गांव के प्रधान पहुंचे जंतर-मंतर
गोहाना से मलिक खाप के पदाधिकारी और आहुलाना 12 गांव के प्रधान काफिले जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि पहलवानों को न्याय दिलाएं नहीं तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे। मलिक खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलजीत मलिक ने बताया कि पहलवानों के समर्थन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।आहुलाना-12 खाप के प्रधान मलिक राज मलिक ने कहा कि पहलवानों का शोषण सहन नहीं किया जाएगा। इस दौरान जयपाल मलिक मदीना, हरिराम व जसपाल मौजूद रहे।
दहिया खाप ने भी दिया समर्थन
खरखौदा से सर्वखाप भी जंतर-मंतर पहुंची। दहिया खाप के प्रधान जयपाल दहिया ने कहा कि सर्वखाप ने अपना फैसला धरनास्थल पर ले लिया है, जिसमें 21 मई तक का समय सरकार को दिया गया है। अगर 21 मई तक मामला नहीं सुलझता है तो फिर सर्वखाप उसी दिन महम के चबूतरे पर बैठक कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। इस दौरान अत्तर सिंह बारह, बीरबल दोपलान, बिजेंद्र नाहरा, सतबीर नाहरी, नरेश सिलाना व कृष्ण गढ़ी सिसाना व अन्य मौजूद रहे।
पहलवानों को समर्थन में दिल्ली पहुंचे कुलदीप शर्मा
हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा व पूर्व खेल मंत्री सुखबीर कटारिया भी जंतर-मंतर पहुंचे और समर्थन दिया। दोनों ने धरने पर बैठे पहलवानों से बातचीत करके उनकी मांगों को सुना।