सोनीपत के गांव लाठ की अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान काजल ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। बुडापेस्ट में सीनियर रैंकिंग सीरीज में स्वर्ण पदक जीतने के बाद काजल ने नई दिल्ली में आयोजित चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में जगह बना ली है।
उन्होंने ट्रायल मुकाबले में पहलवान इतिशा को हराकर अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है। अब काजल 16 से 23 अगस्त तक स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में होने वाली प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
भारतीय महिला कुश्ती टीम के पूर्व मुख्य प्रशिक्षक कुलदीप मलिक के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली काजल के चयन से बड़वासनी स्थित कुलदीप मलिक अकादमी में खुशी का माहौल है। मुख्य प्रशिक्षक कुलदीप मलिक और प्रशिक्षक अजय मलिक ने कहा कि काजल का अनुशासन, मेहनत और निरंतर प्रदर्शन उन्हें विश्व स्तर के खिलाड़ियों की कतार में खड़ा कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि काजल स्लोवाकिया में भी देश के लिए पदक जीतकर तिरंगा ऊंचा करेंगी।
2028 ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण जीतना लक्ष्य
काजल का प्रदर्शन पिछले कुछ समय से लगातार शानदार कर रही हैं। काजल ने हाल ही में हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित चौथी सीनियर रैंकिंग सीरीज के 76 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया था। इसके बाद विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में स्थान पक्का किया। मई के अंतिम सप्ताह में उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। काजल अंडर-20 और अंडर-17 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह हिंद केसरी और कई बार भारत केसरी का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं। अब उनका लक्ष्य वर्ष 2028 ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
पिता चलाते हैं टैक्सी
साधारण परिवार से आने वाली काजल की सफलता मेहनत और संघर्ष की कहानी है। उनके पिता टैक्सी चालक हैं जबकि चाचा और गुरु कृष्ण पहलवान ने उन्हें बचपन से अखाड़े में प्रशिक्षण दिया। परिवार ने सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी तैयारी में पूरा सहयोग किया।