सोनीपत। गोहाना रोड स्थित छोटूराम धर्मशाला में जाट संवाद बैठक आयोजित की गई। जिसमें अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक रामावतार पलसानिया ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय जाट संसद की ओर से 19 मार्च को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय जाट अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें देशभर के जाट समाज के लोग भाग लेंगे। हरियाणा मेजबान की भूमिका में है, इसलिए सभी समाज के लोगों को समारोह में भाग लेने का निमंत्रण दिया गया है।
रामावतार पलसानिया ने कहा कि जाट समाज के गौरवशाली अतीत को याद करने व इतिहास को पढ़ने की आवश्यकता है। जाट समाज राजनीतिक रूप से कमजोर हो गया है। एक समय में जाट समाज से चार से पांच कैबिनेट मंत्री, चार-पांच राज्य मंत्री, दो प्रदेशों के मुख्यमंत्री, चार-पांच प्रदेशों के गवर्नर रहे। लेकिन पिछले 10 से 15 वर्ष में समाज में एकता की कमी से हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि जाट समाज को नजरअंदाज कर देश व प्रदेश की सरकार चलाई जा रही है। इन राजनीतिक चालों को समाज के युवा, बुजुर्गों व प्रबुद्ध लोगों को समझना चाहिए। समय रहते इन षड़यंत्र का जवाब देना होगा। यह जवाब जाट एकता के बिना नहीं दिया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक पीएस कलवानियां ने बताया कि जाट समाज कष्टों व परेशानियों से जूझ रहा है। देश की कैबिनेट में एक भी जाट समाज का प्रतिनिधि नहीं है। समाज के युवाओं व बुजुर्गों को सोचने और समझने की आवश्यकता है।
जाट संवाद बैठक के आयोजक राज सिंह दलाल, देवेंद्र गहलावत, राजकुमार राणा, राजेश दहिया, दिनेश हुड्डा, राजेश खासा व अजय नैन ने बताया कि राष्ट्रीय जाट अधिवेशन के आयोजन के लिए प्रदेश की प्रत्येक तहसील स्तर पर जाकर कमेटी का गठन किया जाएगा। राज सिंह दलाल व अधिवक्ता दिलबाग सिंह हुड्डा, अजय नैन ने भी अपने विचार रखे।
इस दौरान सुखबीर सिंह मलिक, परविंद्र गहलावत, अशोक सरोहा, कर्मबीर सरोहा, सुरेंद्र छिक्कारा, जगबीर मलिक, सुरेश राठी, राजेंद्र सिंह खत्री प्रधान खाप 360, सतीश सरोहा खाप प्रधान व ममता राणा मौजूद रहीं।