सोनीपत। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं में पेपर आउट करने के मामले में पूरे स्टाफ के खिलाफ की गई कार्रवाई पर लेक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष महावीर सिंह गहलावत ने इस मामले में बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव से मुलाकात की है। उन्होंने गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ ही कार्रवाई करने की मांग की है, ना कि पूरे स्टाफ के खिलाफ।
प्रदेशाध्यक्ष का कहना है कि बोर्ड अध्यक्ष ने मामले में उचित करने का आश्वासन दिया है। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में गोहाना के छतैहरा व भांवड़ से पेपर आउट होने के मामले सामने आए थे। इसके बाद बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव के निर्देश पर मुख्य केंद्र अधीक्षक, केंद्र अधीक्षक, ऑब्जर्वर, सुपरवाइजर के खिलाफ संयुक्त एफआईआर दर्ज करने और विद्यार्थी के यूएमसी बनाने के निर्देश दिए थे। यही नहीं पूरे स्टाफ को रिलीव कर नए की नियुक्ति करने के निर्देश दिए थे। अब बोर्ड के इस कदम के खिलाफ हरियाणा लेक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन खुलकर सामने आ गया है। प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिंह गहलावत ने कहा कि संगठन हमेशा प्राध्यापकों व विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहता है।
महाविर सिंह ने कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की तरफ से अबकी बार अनेक परिवर्तन किए हैं। जिस कारण परीक्षा के संचालन में प्राध्यापकों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड की तरफ से समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। निजी स्कूलों के अनट्रेंड एवं अविश्वनीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के कारण अनेक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
शरारती तत्वों की तरफ से परीक्षा केंद्र की खिडक़ी से पेपर का फोटा खींचकर वायरल करने के अनेक मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में बोर्ड उड़नदस्तों की तरफ से केंद्र अधीक्षक, ऑब्जर्वर और सुपरवाइजरों के खिलाफ संयुक्त एफआईआर करने के आदेश दिए जाते हैं जो गलत है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, जिसकी हम सभी पैरवी करते हैं, लेकिन जो नकल के मामलों में शामिल नही हैं, उसको इस कार्रवाई से मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिंह गहलावत ने कहा कि बाहरी हस्तक्षेप से प्रश्र पत्र लीक होने उपरांत बिना प्राथमिक जांच, बिना संलिप्तता व बिना सबूत के ड्यूटी स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। जिसका हमारा संगठन विरोध करता है। उन्होंने शिक्षकों पर की गई एफआईआर को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो संगठन बड़ा कदम उठाने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी बोर्ड की होगी।