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Sonipat News: मनुष्य को अष्टांग योग के अनुसार आचरण करना आवश्यक

Sat, 21 Mar 2026 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो : सोनीपत के आर्य समाज ऋषि नगर में वा​र्षिकोत्सव के दौरान यज्ञ में आहुति देते श्रद्धालु। स्
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सोनीपत। आर्य समाज ऋषि नगर में शुक्रवार को वार्षिकोत्सव एवं दिव्य आध्यात्मिक सत्संग की शुरुआत हुई। त्रिदिवसीय संगीत सम्राट दिनेश आर्य ने विक्रमी संवत् नववर्ष, ईश्वर भक्ति, दोष निवारण व गुणों का धारण करना व महर्षि स्वामी दयानंद की जीवनी से संबंधित गीतों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बताया कि मनुष्य को जीवन निर्माण के लिए महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग के अनुसार आचरण करना आवश्यक है। संसार में तीन प्रकार के लोग हैं। पहले मनोरंजन अर्थात् तमाशा देख कर ताली बजाओ, दूसरे ज्ञान रंजन अर्थात कार्यक्रम से अच्छे बुरे का ज्ञान प्राप्त करके अच्छाई की और अग्रसर हो। तीसरे आत्म रंजन अर्थात सुधारवादी हमेशा अच्छाई का अनुकरण करके परमेश्वर प्राप्ति के पथ पर अग्रसर रहो यही मुख्य सत्य मार्ग ही है। कार्यक्रम संस्था प्रधान विनोद कुमार बत्रा ने की। इस दौरान जवाहर लाल बत्रा, दीक्षा आचार्य, हरिचंद स्नेही, रमेश मानिकटालिया, ज्ञानेश्वर त्यागी, राजेंद्र तनेजा, कनिष्क आर्य, अशोक पुरी, शांति भारती और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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