सोनीपत। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भले ही कितना गंभीर हो, लेकिन अग्नि सुरक्षा को लेकर धरातल पर स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के 1277 राजकीय व निजी स्कूलों में से 1246 स्कूल अग्निपरीक्षा में फेल हुए हैं। यानी इन स्कूलों के पास फायर एनओसी तक नहीं है। महज 31 स्कूलों ने ही फायर एनओसी ली हुई हैं, इनमें केवल एक राजकीय स्कूल शामिल है। फायर एनओसी को लेकर अधिकारी भी गंभीर नहीं है, यही कारण है कि स्कूल संचालक इन नियम को ही दरकिनार कर रहे हैं।
जिले में राजकीय स्कूलों की संख्या 712 और निजी स्कूलों की 565 हैं। महेंद्रगढ़ के कनीना में हुए हादसे के बाद सरकार, शिक्षा विभाग व प्रशासन हरकत में आया है और सुरक्षित स्कूल वाहन नीति को गंभीरता से लागू करने के लिए सख्ती बरती जा रही है, लेकिन कहीं न कहीं दूसरे मानकों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इनमें एक अहम मानक फायर एनओसी भी है। जिसको लेकर अमर उजाला ने जिले के शिक्षण संस्थानों की पड़ताल की तो स्थिति बेहद खराब मिली। अधिकतर स्कूलों में न तो अग्नि हादसों से बचाव के इंतजाम हैं और न ही इन पर ध्यान दिया जा रहा है। विशेष बात तो यह है कि इस पर न स्कूल संचालक गंभीर है और ना ही जिम्मेदार अधिकारी कोई कदम उठा रहे हैं। जिले में गन्नौर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पास ही फायर एनओसी है।
जिले में राजकीय स्कूलों की स्थिति
स्कूल संख्या
प्राथमिक स्कूल : 422
माध्यमिक स्कूल : 78
उच्च विद्यालय : 76
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय : 136
कुल : 712
फायर एनओसी लेने की यह है प्रक्रिया
अग्निशमन अधिकारी के अनुसार फायर एनओसी लेने की प्रक्रिया बेहद आसान है। इसके लिए पहले आवेदन करना होता है। इसके लिए एक फाइल तैयारी करवाई जाती है, जिसमें स्कूल की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री व स्कूल का नक्शा लगाना होता है। फाइनल तैयार करवाकर अग्निशमन कार्यालय में जमा करवानी होती है। जिसके बाद संबंधित स्कूल को जल्द फायर एनओसी जारी कर दी जाती है। सिलिंडर स्कूल संचालक को खरीदने होते हैं। समय समय पर फायर अधिकारी इसकी जांच करते हैं। एनओसी लेने की कोई फीस नहीं है। यह फायर एनओसी तीन साल के लिए वैद्य होती है।
वर्जन
जिले में अग्निशमन विभाग से महज 31 स्कूलों ने ही फायर एनओसी ली है। इनमें राजकीय स्कूल महज एक है। जबकि सभी स्कूलों को फायर एनओसी लेना अनिवार्य है, लेकिन अधिकतर स्कूल इस नियम पर खरा नहीं उतर रहे। एक बार आवेदन करने पर तीन साल के लिए फायर एनओसी मिलती है। -राजेंद्र दहिया, सहायक मंडल अग्निशमन अधिकारी, सोनीपत।