सोनीपत। रोडवेज डिपो में मार्च में पहुंचीं 40 नई बसों को जल्द सड़कों पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस कड़ी में 19 बसों का बीमा करवा दिया गया है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शेष बसों का भी बीमा व पासिंग प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी, ताकि बसों को जल्द सड़कों पर उतारा जा सके। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में नई बसों के सड़कों पर उतारने की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी। आरटीओ कार्यालय से बसों की पासिंग प्रक्रिया पूरी होते ही बसों को रूटों पर भेजना शुरू किया जाएगा।
सोनीपत डिपो में लंबे समय से बसों की कमी बनी हुई थी। जो बसें चल रही थी, वह भी साल दर साल कंडम होती जा रही थी। हालात यह हो गए थे कि रोडवेज अधिकारियों को बस डिपो में रोडवेज की 54 बसों के सहारे ही व्यवस्था बनानी पड़ रही थी। ऐसे में कई रूटों पर बसों का परिचालन बंद कर दिया गया था। मार्च माह में डिपो में 40 नई बसें पहुंची है। जिसके बाद बंद रूटों को चलाने की उम्मीद जगी है। नई बसों की अभी तक बीमा व पासिंग प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। जिसके चलते नई बसें वर्कशाप के अंदर खड़ी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि 19 बसों का बीमा करवाया है। अभी आरटीओ कार्यालय से बसों की पासिंग होना शेष है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन बसों को सड़क पर उतारा जाएगा।
परिचालकों की कमी बन रही बाधा
सोनीपत डिपो में 283 परिचालक कार्यरत हैं। यहां किलोमीटर स्कीम की लगभग 63 बसें चलाई जा रही हैं जिन पर चालक एजेंसी का व परिचालक रोडवेज विभाग का लगाया जाता है। नई बसें आने के बाद परिचालकों की कमी खलेगी। डिपो में अभी भी परिचालकों के करीब 81 पद खाली पड़े हुए हैं। नई बसों के सड़कों पर उतरने के बाद परिचालकों की कमी खलेगी।
सोनीपत रोडवेज डिपो में पहुंची 40 नई बसों में से 19 बसों का बीमा करवा दिया है, अन्य बसों की प्रक्रिया चल रही है। सभी बसों की बीमा व पासिंग प्रक्रिया अप्रैल माह के पहले सप्ताह में पूरी करवाने का प्रयास है, ताकि बसों को जल्द सड़कों पर उतारा जा सके। नई बसें सड़कों पर उतरने से विभिन्न रूटों पर चलने वाले यात्रियों को फायदा मिलेेगा। गजेंद्र, डीआई, रोडवेज डिपो, सोनीपत