सोनीपत। सिंचाई विभाग मुख्यालय की ओर से 30 जून तक ड्रेनाें की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ड्रेन सफाई का काम अधूरा छोड़ने पर ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद ही विभाग ने टेंडर आवंटित कर ड्रेनों की सफाई का कार्य शुरू करा दिया है। जिससे बारिश के दौरान खेतों में पानी भरने की नौबत न आए और किसानों को खेत से पानी निकालने में दिक्कत न आए। साथ ही अधीक्षण अभियंता ने तय समय पर ड्रेनों की सफाई करने के लिए कहा है। विभाग की ओर से करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष जिले में करीब 8 हजार एकड़ में पानी भर गया था। जलभराव होने से करीब दो हजार एकड़ में फसल की बिजाई नहीं हो पाई थी। गोहाना क्षेत्र में 15 से ज्यादा गांवों में जलभराव की स्थिति अधिक रहती है। खेत से पानी की निकासी न होने व समय पर ड्रेनों की सफाई न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुए सिचाई विभाग ने मानसून सीजन से पहले ड्रेनों की सफाई शुरू कर दी है। विभाग ने मानसून पहुंचने से पहले जून के अंत तक सफाई का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
पंप हाउस और इनलेट बनाकर खेतों में जलभराव रोकेगा विभाग
खेतों में जलभराव रोकने के लिए विभाग की ओर से जुआं ड्रेन पर पंप सेट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही इनलेट का भी प्रबंध किया जाएगा। इनलेट बनने पर खेतों का अतिरिक्त पानी ड्रेन में जा सकेगा।
गोहाना उपमंडल में छोटी-बड़ी 57 ड्रेन बनी हुई हैं। अधिकतर ड्रेनों में घास व झाड़ियां उगी हुई हैं। इस कारण ड्रेनों में पानी की निकासी सही ढंग से नहीं होती है। बारिश होने पर खेतों से पानी की निकासी देरी से होती है। 34 ड्रेन की सफाई मशीनों से करवाई जा रही है। छपरा और भंभेवा ड्रेन का मशीन से सफाई का कार्य लगभग पूरा होने को है। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी ड्रेनों पर निर्भर करती है। इसके लिए ड्रेनों का साफ होना जरूरी है। समय पर पानी की निकासी नहीं होने से किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं।
लो-लाइन एरिया में जलभराव की समस्या
उपमंडल के कई गांव लो-लाइन एरिया में है। इसके चलते क्षेत्र में जब भी अधिक बारिश होती है, इन गांवों के खेतों में जलभराव हो जाता है। ड्रेनों से पानी की निकासी नहीं होने के चलते बीते वर्ष बरसात सीजन के दौरान क्षेत्र में करीब 6000 एकड़ में जलभराव हुआ था। विभाग के अनुसार भंडेरी ड्रेन, ईशापुर खेड़ी ड्रेन, वजीरपुरा-खंदराई ड्रेन और सींक ड्रेन की सफाई मशीनों से शुरू करा दी है। ड्रेन नंबर आठ, छपरा ड्रेन, ईशापुर खेड़ी ड्रेन और लाखनमाजरा ड्रेन पर विशेष ध्यान दि जा रहा है। इन ड्रेनों में बड़े पैमाने पर खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी निर्भर करती है। इसके अलावा ईस्ट जुआ ड्रेन, खरखौदा ड्रेन व थाना कलां ड्रेन समेत अन्य ड्रेनों की सफाई का काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून आने से पहले 30 जून तक सभी ड्रेनों की सफाई करा दी जाएगी।
जिलेभर में सभी ड्रेनों की सफाई शुरू करा दी गई है। मानसून से पहले 30 जून तक सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। ड्रेन की सफाई के दौरान लापरवाही मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर सख्त निर्देश दिए गए है।
आरके बोडवाल, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग