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Sonipat: उद्योगपति बोले, फैक्टरी के बाहर लगाएंगे काले झंडे, बिजली नहीं तो बिल नहीं

Sun, 02 Oct 2022 03:17 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, राई, सोनीपत (हरियाणा)

सार

नए आदेशों के बाद उद्योगपतियों ने राई औद्योगिक क्षेत्र में बैठक की है। प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जाएगा और नियमों को लेकर मंथन किया जाएगा। उद्योगपतियों ने कहा कि पीएनजी के लिए कनेक्शन मिल नहीं रहे, ऐसे में उद्योग कैसे चलाएं। 
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बैठक कर उद्योगों में गहराए बिजली संकट व नए नियमों को लेकर बातचीत करते उद्योगपति। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया जा रहा है। जिसमें औद्योगिक क्षेत्रों में बॉयलर से चलने वाली फैक्टरियां बंद कर दी गई हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि वे पहले से ही बिजली संकट झेल रहे हैं, ऊपर से इस नियम के लागू होने से वे अपने उद्योग कैसे चला पाएंगे।

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नए आदेशों के बाद उद्योगपतियों ने राई औद्योगिक क्षेत्र में बैठक की और इस मुद्दे पर नियमों को लेकर मंथन किया। उद्योगपतियों ने निर्णय लिया है कि समस्या के समाधान के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे। उद्योगपतियों ने कहा कि उद्योगों के लिए जब बिजली ही नहीं मिल रही है तो वह बिल भी नहीं भरेंगे। विरोध स्वरूप फैक्टरियों के बाहर काले झंडे लगाए जाएंगे। बिजली संकट के बीच बॉयलर फैक्टरी बंद करने पर काली दिवाली मनाने को मजबूर होंगे। 

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए सर्दियों में लागू होने वाले ग्रेप सिस्टम को इस बार 15 दिन पहले यानी एक अक्तूबर से ही लागू कर दिया गया है। ठंड का मौसम आते ही एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच जाता है। दिवाली पर यह 500 से भी ऊपर चला जाता है।
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ऐसे में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट प्रति वर्ष 15 अक्तूबर से ग्रेप सिस्टम लागू कर देता है। इस बार सभी विभागों को 15 दिन पहले ही प्रदूषण नियंत्रण पर काम करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिससे जिले में चलने वाली करीब 425 फैक्टरियों पर संकट गहरा गया है।

उद्योगपतियों ने कहा कि सरकार पीएनजी पर उद्योग चलाने की बात कहती है, जबकि उन्होंने सात से आठ माह पहले पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, अब तक पीएनजी कनेक्शन नहीं दिए गए। ऐसे में नए नियमों के साथ वह अपने उद्योग कैसे चला पाएंगे। बैठक में परमहंस सोलंकी, अरविंद मनचंदा, राजेश दहिया, नरेश यादव सहित अन्य उद्योगपति मौजूद रहे। 

पलायन को मजबूर हैं उद्योगपति
उद्योगपतियों ने कहा कि राई, कुंडली, नाथूपुर, बड़ी, मुरथल और सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगपतियों को फैक्टरियां चलाने में बड़ी समस्याएं आ रही हैं। सबसे ज्यादा समस्या राई और कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में गहराई हुई है। यहां पर्याप्त बिजली ना मिलने से उद्योगपति पलायन करने को मजबूर हैं। बिजली निगम अपनी लचर व्यवस्था के कारण औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। जिससे उद्योगों में उत्पादक प्रभावित हो रहा है। ऊपर से बॉयलर चलाने पर पाबंदी लगा दी है। हालांकि औद्योगिक क्षेत्र से बाहर स्थित फैक्टरियों को 31 दिसंबर तक राहत दी गई है। जिले में सबसे ज्यादा रबड़ व रंगाई की फैक्टरी हैं, जिनमें बॉयलर का प्रयोग किया जाता है।

पहले बिजली संकट, अब नये नियमों ने उड़ा दी नींद 
राई औद्योगिक क्षेत्र मेन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन ने कहा कि उद्योगों में पर्याप्त बिजली न मिलने से उद्योगपति पहले ही परेशान थे, अब नये नियमों ने नींद उड़ा दी है। अगर जनरेटर बंद करने की नौबत आई तो फैक्टरी नहीं चला पाएंगे। ऐसी सूरत में फैक्टरी को बंद कर सड़क पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों की समस्याओं को लेकर सरकार का कोई भी प्रतिनिधि बात तक करने को तैयार नहीं है। उद्योगपतियों ने अब निर्णय लिया है कि सभी अपनी फैक्टरियों पर काला झंडा लगाकर विरोध शुरू करेंगे। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब उद्योगपति काली दिवाली मनाने को मजबूर होंगे। 

उद्योगपतियों की समस्याओं को तुरंत हल करें अधिकारी : ललित बत्रा
सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता ललित बत्रा ने अपने कार्यालय में उद्योगपतियों व अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई। उद्योगपतियों की तरफ से रोशन सिंगला व सुरेंद्र कुमार ने उद्योग की समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। भाजपा नेता ललित बत्रा ने उद्योगपतियों की समस्या के तुरंत निदान के लिए अधिकारियों को आदेश दिए। इस दौरान उद्योगपति व बिजली निगम के एसई, एक्सईएन व एसडीओ मौजूद रहे।

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