फोटो 36- सोनीपत के मुरथल स्थित डीसीआरयूएसटी में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे शोधार्थी। स्रोत : शो
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में शोधार्थियों का अनिश्चितकालीन धरना 42वें दिन भी जारी रहा। धरने पर मंगलवार को शोधार्थी जसमिंदर आमरण अनशन पर बैठे। शोधार्थियों ने कहा कि 18 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल भी जारी है। आरोप है कि इसके बावजूद विश्वविद्यालय के कुलपति का असंवेदनशील व अड़ियल रवैया जारी है। हताश शोधार्थी अब आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। शोधार्थियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की जाती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
शोधार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी जायज मांगे पूरी करने के बजाय कमेटी-कमेटी का खेल खेला जा रहा है। कुलपति व प्रशासन के साथ कई दौर की बैठक हो चुकी हैं। कुछ मांगों पर सहमति बनीं, लेकिन प्रशासन की तरफ से लिखित में कुछ भी नहीं दिया है। शोधार्थियों ने कहा कि विवि में लंबे समय से आधारभूत संरचना की कमी है। विवि में कई विभागों में पर्याप्त कक्षा कक्ष नहीं हैं, कई कक्षाओं में पंखे व बैंच नहीं हैं। विवि में इंटरनेट की भारी समस्या है। लैब व कार्यशालाओं में उपकरणों की भारी कमी है। मुख्य पुस्तकालय की 70 फीसदी लाइट खराब हैं। पुस्तकालय का सेंट्रल एसी कई महीनों से काम नहीं कर रहा है। स्वच्छ पेयजल की भी समस्या है। कैंटीनों पर मनमर्जी के रेट में सामान दिया जा रहा है। छात्रावास जर्जर हो चुके हैं। इन सभी समस्याओं के बारे में कुलपति से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन एक भी समस्या का हल नहीं किया गया है। शोधार्थियों ने चेतावनी दी कि अगर 21 अगस्त तक मांगें पूरे नहीं की गई तो 22 अगस्त को विवि परिसर को बंद कर देंगे।
फोटो 36- सोनीपत के मुरथल स्थित डीसीआरयूएसटी में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे शोधार्थी। स्रोत : शो