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Sonipat News: मोमबत्ती की फैक्टरी में अवैध पटाखाें ने बुझा दी तीन जिंदगी

Sun, 29 Sep 2024 03:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :32: सोनीपत के गांव रिढाऊ में घर के अंदर अवैध पटाखा फैक्टरी में लगी आग के बाद जांच करने पह
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खरखौदा (सोनीपत)।
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रिढाऊ गांव में जहां धमाका हुआ, असल में वह मोमबत्ती फैक्टरी थी। पुलिस की मानें तो फैक्टरी मालिक मोमबत्ती फैक्टरी में दो साल से अवैध रूप से पटाखे बना रहा था। फैक्टरी मालिक की लापरवाही के चलते हुए धमाके ने तीन जिंदगी हमेशा के लिए बुझा दीं।
हादसे में जान गंवाने वाली महिला संतरा के बेटे श्रीभगवान का कहना है कि उसकी मां वेदप्रकाश की मोमबत्ती बनाने की फैक्टरी में काम करती थी। उन्हें पता चला था कि वेदप्रकाश दिवाली के चलते कुछ दिन पहले पटाखे बनाने का सामान लेकर आया था। मां ने वेदप्रकाश को कहा था कि घर में अग्निशमन के प्रबंध भी होने चाहिए। इसके बावजूद कोई प्रबंध नहीं किए गए। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पटाखे बनाने का काम पहले भी होता था। हालांकि मांग नहीं होने पर काम बंद कर दिया जाता था। वेदप्रकाश से जब लोग पूछते थे तो वह कहता था फैक्टरी में रंग बनाया जाता हे। यही नहीं, पूर्व सरपंच राजेश ने पिछले वर्ष यहां छापा भी डलवाया था। हादसे के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने सबूत जुटाए। जांच में पता लगाया जाएगा कि किस तरह का विस्फोटक प्रयोग हुआ है।
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पोटाश व गंधक के साथ सिलिंडर भी फटा
अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके के कारण वेदप्रकाश के घर की छत टूट गई। वहीं, उसके घर के तीनों तरफ के घर भी गिरने की हालत में हैं। तीनों तरफ के साथ लगते घरों की दीवारों में छेद हो गए हैं। बताया जा रहा कि पोटाश व गंधक के साथ गैस सिलिंडर भी फटा है। धमाका इतना तेज था कि पड़ोसी गांव फरमाणा के लोगों को भी गूंज सुनाई दी। धमाके से घटनास्थल से काफी दूर पर बने लोगों के घरों की खिड़की, दरवाजों में लगे शीशे तक टूट गए।
धमाके में ये लोग हुए हैं घायल
धमाके में मवाना खुर्द, मेरठ निवासी शिफान की मां याश्मीन (23), पिता फरमान (25), उनके परिवार की शिदरा (18), शिदरा की बहन असरा (21) व मां इकरा (40), आशी (28) और खरखौदा के रिढाऊ गांव की नीलम (40), रीना (45) व फैक्टरी मालिक की बेटी अंजली (27) गंभीर रूप से घायल हुई हैं। सभी को पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल
रिढाऊ गांव का हादसा फैक्टरी संचालक के साथ ही अवैध फैक्टरी पर कार्रवाई करने वाले विभागों पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक वर्ष पहले संदिग्ध गतिविधि के चलते छापा डला था। तब आरोपी के दूसरे घर में कुछ नहीं मिला था। जहां हादसा हुआ है, वह घर संकरी गली में है। जहां गली से कुछ दिखाई नहीं देता है। न ही आसपास के घरों से अंदर होने वाली गतिविधि पर नजर पड़ सकती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपी ने पूरे गांव को बारुद रूपी ढेर पर बैठा रखा था। वह यह काम इतने गुपचुप तरीके से कर रहा था कि किसी भी ग्रामीण को भनक तक नहीं लगी थी।
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आसमान में फैल गया था धुआं
धमाकों के बाद घर में आग लग गई। पोटाश व गंधक का धुआं लोगों के लिए परेशानी बन गया। दमकल की गाड़ियों ने मौके आग पर काबू पाया। जिस घर में फैक्टरी चल रही थी वह गली काफी संकरी थी। मलबा हटाने के लिए मशीन तक वहां नहीं जा सकी। एनडीआरएफ की टीम ने मशक्कत से मलबा हटाया।

फोटो :32: सोनीपत के गांव रिढाऊ में घर के अंदर अवैध पटाखा फैक्टरी में लगी आग के बाद जांच करने पह

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