शामलात देह व जुमला मुस्तरका मालकान भूमि के मालिकाना हक को काश्तकार किसानों से वापस लेने के सरकार के निर्णय के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विधायकों के आवास पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार की ओर से लिए निर्णय को वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों से उनकी जमीनें वापस ली तो किसान विधायकों के आवास पर धरना शुरू कर देंगे।
गन्नौर। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम विधायक निर्मल चौधरी के निजी सचिव ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से यूनियन के ब्लाक प्रधान विरेंद्र पहल ने बताया कि वित्त आयुक्त ने 21 जून को शामलात देह व जुमला मुस्तरका मालकान भूमि के मालिकाना हक को काश्तकार किसानों से वापस ले कर संबंधित पंचायतों व नगरपालिकाओं के नाम करने के आदेश जारी किए हैं। माल रिकॉर्ड के अनुसार किसान इन जमीनों पर पीढ़ियों से काश्त कर रहे हैं। इन किसानों का जमीन पर पूरा मालिकाना हक है। उन्होंने चेतावनी दी कि 25 अगस्त तक यदि किसानों की इस मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो वे विधायक आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देना शुरू कर देंगे। किसानों ने उप पुलिस अधीक्षक आत्माराम बिश्नोई से मांग पत्र सौंपकर क्षेत्र में हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगवाने की मांग की।
विधायकों के प्रतिनिधियों को सौंपे ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शामलात देह, जुमला मुस्तरका मालकान भूमि का मालिकाना हक काश्तकारों को देने की मांग की। इसके लिए राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुला कर कानून बनाएं। इस मांग को लेकर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने गोहाना के विधायक जगबीर मलिक के पीए नरेंद्र सांगवान और बरोदा हलका के विधायक इंदुराल नरवाल के भाई इंदुपाल को ज्ञापन सौंपे। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, जिलाध्यक्ष अशोक लठवाल, गोहाना के चेयरमैन संदीप मलिक, कृष्ण मलिक, पूर्ण छिछड़ाना, सुनील कुमार, जयभवागन, जगमेंद्र, दिलबाग आदि पहले बरोदा हलका के विधायक इंदुराज नरवाल और उसके बाद गोहाना हलका के विधायक जगबीर सिंह मलिक के कार्यालय पर गए। किसानों नेताओं ने विधायकों से उनकी आवाज उठाने की मांग की।
किसानों ने विधायक आवास पर सौंपा ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने मंगलवार को विधायक जयवीर सिंह के आवास पर जाकर ज्ञापन सौंपा और शामलात भूमि काश्तकारों के पास ही रहने देने की उनकी मांग को उठाने की बात कही। इस दौरान यूनियन के सदस्यों ने विधायक के घर पर नहीं होने के चलते उनके बेटे दीपक को अपना ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सरकार की तरफ से प्रदेश की शामलात भूमि को पंचायतों, नगरपालिका, नगर परिषदों को देने के आदेश जारी किए हैं जबकि काश्तकार कई पीढ़ियों से इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। ऐसे में उनकी मांग है कि इस जमीन को काश्तकारों के पास ही रहने दिया जाए। इस दौरान जयसिंह दहिया, आनंद नकलोई, दहिया खाप प्रधान जयपाल दहिया, अत्तर सिंह, संजय, राजबीर, जोगिंद्र और केहर सिंह आदि मौजूद रहे।