फोटो 11- सोनीपत के मुरथल स्थित डीसीआरयूएसटी में आयोजित सेवा प्रबोधन कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित
सोनीपत। प्रांत संघ चालक प्रताप ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर गर्व करना चाहिए, जिसने हमें विभिन्न माध्यमों से सेवा करने के लिए प्रेरित किया है। सेवा के साथ हमें संवेदनशील होना चाहिए। हमारा दृष्टिकोण सकारात्मक होना चाहिए। वह शुक्रवार को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल में आयोजित सेवा प्रबोधन कार्यक्रम में बतौर वक्ता संबोधित कर रहे थे। विशिष्ट अतिथि हरियाणा खेल विवि के कुलपति एवं पूर्व डीजीपी अशोक गर्ग रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवि के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने की।
प्रांत संघ चालक प्रताप ने कहा कि हमारा देश युवाओं का देश है। हमारी शिक्षा पद्धति श्रेष्ठ है, जिसके आधार पर ही अपने राष्ट्र को विश्व गुरु बना सकते हैं। राष्ट्र विश्व का नेतृत्व करेगा, तभी हम विश्व गुरु बनेंगे। प्रकृति के अनुकूल कार्य करने से ही मानव कल्याण हो सकता है। हम विवेकानंद के पदचिन्हों पर चलकर ही भारत को आत्मनिर्भर व समृद्ध राष्ट्र बना सकते हैं। युवा स्वावलंबी होगा तो देश आत्मनिर्भर बनेगा। युवाओं को वैश्विक स्तर के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए। युवाओं की जीवन में प्रबंधन व रणनीति अच्छी होनी चाहिए व राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि निस्वार्थ भाव से दूसरों का कल्याण ही नारायण सेवा है। विवि में विद्यार्थियों की तरफ से चलाए जा रहे सवेरा स्कूल में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। यहां से कुछ विद्यार्थियों का चयन नवोदय स्कूल तो कुछ विवि में भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई के कुलपति एवं पूर्व डीजीपी अशोक गर्ग ने कहा कि अपनी सभ्यता व संस्कृति के आधार पर ही हम अपने राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बना सकते हैं। प्राचीन समय में हमारा राष्ट्र सोने की चिड़िया कहलाता था। वह समय फिर आने वाला है। जिसे लाने का सूत्रधार देश के युवा बनेगें। इस दौरान प्रो. एके सिंह, विवि के एनसीसी निदेशक लेफ्टिनेंट डा. प्रदीप सिंह, कार्यक्रम समन्वयक डाॅ. एचके अग्रवाल, डाॅ. सर्वजीत सिंह व डाॅ. प्रदीप शर्मा मौजूद रहे।