सोनीपत। नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बंदरों के उत्पात से जल्द मुक्ति मिलने की संभावना जगी है। बंदरों के कारण बढ़ती लोगों की समस्या को देखते हुए नगर निगम ने वन विभाग से मंजूरी लेकर पांच माह बाद फिर से टेंडर लगाया है। शहर के पॉश इलाकों में बंदरों का आतंक होने की वजह से लोगों ने घरों में जाल तक लगवा रखे हैं। टेंडर होने पर बंदरों को पकड़कर यमुनानगर जिले के कलेसर के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
नगर निगम की तरफ से बंदर पकड़ने के लिए पहले ही टेंडर जारी किया गया था। नगर निगम की ओर से वेलकम को ऑपरेटिव सोसाइटी को एक बंदर पकड़ने के लिए 1800 रुपये दिए जा रहे थे। जून में बंदर पकड़ने का ठेका लेने वाली कंपनी के कारिंदों ने बंदरों को पकड़कर गढ़ी ब्राह्मणान स्थित एक कमरे के अंदर रखे पिंजरों में बंद कर दिया था। तब पांच बंदरों की भूख-प्यास से मौत हो गई थी। इसके बाद नगर निगम अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई करते हुए बंदरों को पकड़ने वाली एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बंदरों से क्रूरता मामले में कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने सोसाइटी का टेंडर रद्द कर दिया था।
बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई बंद होने के बाद एक बार फिर से बंदरों से लोगों को परेशानी होने लगी है। बंदर प्रतिदिन चार से पांच व्यक्तियों को काट रहे हैं। बंदरों के डर से लोग अपने घरों की छत पर जाने से भी कतराने लगे हैं। बंदरों से बचने के लिए लोगों ने घरों की बालकनी और बरामदे में लोहे की जालियां लगवा रखी है। इसके साथ ही वह बंदरों को पकड़ने की मांग कर रहे थे। इस पर अब नगर निगम की ओर से नया टेंडर लगाया गया है। जल्द ही टेंडर आवंटित होने की उम्मीद है।
शहर में यहां सबसे ज्यादा परेशानी
सेक्टर 14-15, माॅडल टाउन, महलाना रोड, वार्ड नं. 1 व 2 में ज्यादा परेशानी है। यहां रहने वाले लोग बंदरों से बचने के लिए घरों के के चारों ओर जाल लगावा रखे हैं।
वर्जन
बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर लगाया गया है। टेंडर आवंटित होते ही बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद शहर के लोगों को काफी राहत मिलेगी। इन बंदरों को पकड़कर कलेसर के जंगलों में छोड़ा जाएगा। -सतेंद्र दहिया, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
फोटो 08. सोनीपत के सेक्टर-14 में मकान के बाहर घूम रहे बंदर। संवाद