सोनीपत। प्राकृतिक खेती पद्धति के तहत किसानों के खेतों के सत्यापन कार्य में हो रही देरी पर मुख्यालय ने कड़ा रूख अपनाया है। कृषि विभाग के मुख्यालय ने सभी जिला कृषि उप निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि सत्यापन का कार्य जल्द पूरा किया जाए। प्रदेश में करीब 1 लाख एकड़ भूमि के सत्यापन के लक्ष्य में अब तक 12,106 एकड़ भूमि का सत्यापन हुआ है। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सरकार की ओर से विभिन्न तरह की सब्सिडी मुहैया करवाई जाती हैं। सब्सिडी पाने के लिए किसानों का पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। सत्यापन के लिए ब्लाॅक स्तर पर टीमों का गठन भी किया गया है लेकिन विभाग अपने लक्ष्य से काफी दूर है। सोनीपत में प्राकृतिक खेती पद्धति के तहत 6000 एकड़ भूमि का सत्यापन किया जाना है, लेकिन अब तक केवल 1261 एकड़ भूमि का ही सत्यापन हो पाया है, जबकि 280 प्रदर्शनी लगाई जा चुकी है। कृषि उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक खेती पद्धति के तहत खेती करने वाले किसानों के खेतों का सत्यापन करवाना अनिवार्य है।